बदायूं। सैजनी स्थित एचपीसीएल गैस प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर प्रस्तावित कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ को रविवार को पुलिस-प्रशासन ने पार्टी कार्यालय के गेट पर ही रोक लिया। यात्रा शहर के आंबेडकर पार्क से शुरू होकर दातागंज तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों तक निकाली जानी थी।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अजीत यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता नेकपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्र हुए। दोपहर करीब 12 बजे जब कार्यकर्ता कार्यालय से न्याय यात्रा निकालने के लिए आगे बढ़े, तभी प्रशासन ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल, सिविल लाइंस थानाध्यक्ष हरेंद्र सिंह और कचहरी चौकी प्रभारी चमन गिरि सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इस दौरान कार्यकर्ता यात्रा निकालने की मांग को लेकर अड़े रहे। इस दौरान उनकी प्रशासनिक अफसरों से नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने किसी को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने प्रशासनिक कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय यात्रा को रोकना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सैजनी एचपीसीएल गैस प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपियों और उनके संरक्षणदाताओं को बचा रही है। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में दातागंज क्षेत्र की कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है। यहां “मिनी चंबल” जैसी स्थिति पैदा हो गई है। अजीत यादव ने मृतक अधिकारियों सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा के परिजनों की ओर से की गई सीबीआई जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित न्याय यात्रा 5 अप्रैल तक समरेर, दातागंज, म्याऊं, उसावां, उसहैत समेत सैकड़ों गांवों में जनसंवाद के रूप में निकाली जानी थी। कार्यक्रम में दीपक मिश्रा, हाजी नुसरत अली, राजीव पटेल, मोरध्वज लोधी, बबलू सैफी, ओमवीर दद्दा, सत्यपाल फौजी, नवनीत यादव आदि मौजूद रहे।