धरनास्थल पर काव्य गोष्ठी का किया गया आयोजन
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहा आंगनबाड़ी वर्करों का धरना प्रदर्शन दो अक्तूबर को भी जारी रहा। आंगनबाड़ी वर्करों में जोश भरने के लिए गांधी जयंती पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने वर्करों को उत्साहित करते हुए कई रचनाओं को सुनाया। इससे धरना स्थल पर गर्मजोशी नजर आई। डॉ. आनंद मिश्र अधीर ने मां शारदे की वंदना प्रस्तुत करने के बाद कहा
आंगनबाड़ी चिंगारी हैं, आंगनबाड़ी चिंगारी है,
अब तुम न समझो अबला और बिचारी है
शराफत समीर ने कहा
नजर गंदी न होती, दिल अगर गंदे नहीं होते
तो लोगों, रोज यह दंगे नहीं होते
इस दौरान षटवदन शंखधार, कामेश पाठक, राजेश सक्सेना, अरुण कुमार, विनोद आदि ने काव्यपाठ किया। इससे पहले जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमारी ने कहा कि प्रदेश में तीन आंगनबाड़ी वर्करों ने कुर्बानी देकर धरने को मजबूत कर दिया। अब आंगनबाड़ी वर्करों को सम्मान जनक न मिलने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष माया देवी शाक्य, शारदा मौर्य, सुनीता यादव, रीता सिंह, वर्षा राजपूत, आभा शर्मा, प्रवेश चौहान, ब्रजेश माहेश्वरी, चांद बी, सावित्री, सोमवती, ऊषा देवी, रीना राय, सीता कश्यप, संगीता, माधुरी शर्मा, सीमा मिश्र, सुख रानी, ममता, पूनम सिंह, रुक्मणी, अफसाना, आदर्शलता आदि मौजूद रहे।