वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत करीब 90 किमी 25 सड़कों के निर्माण के लिए 28 करोड़ की स्वीकृति हुई थी। पिछले तीन सालों में टुकड़ों में धन मिलने के कारण लंबे समय तक यह सभी सड़कें उखाड़ दी गईं थीं। इन सभी सड़कों को उच्चीकरण और सुदृढ़ीकरण होना था। इसके लिए पीएमजीएसवाई के कार्य की समीक्षा में इन सड़कों के शीघ्र निर्माण के लिए कहा जाता रहा। विभाग हमेशा केंद्र सरकार से धन मिलने की बात करता रहा। टुकड़ों में जैसे-जैसे धन मिलता रहा, वैसे-वैसे सड़कों को निर्माण होता रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी सात सड़कें निर्माणधीन हैं। इन सड़कों के लिए छह करोड़ की दरकार है। इस संबंध में विभाग ने जिलाधिकारी को भी समीक्षा के दौरान जानकारी दी है। पिछले दिनों जिलाधिकारी द्वारा शासन और शासन द्वारा केंद्र सरकार को इस योजना के तहत धन आवंटन को कहा गया है। बावजूद अभी इन सड़कों को धन नहीं मिला है। इसकी वजह से सभी सात सड़कें अधर में लटकी हुई हैं।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2013 से टुकड़ों में धन दिया। जैसे-जैसे धन मिलता रहा। योजना के तहत सड़कों का निर्माण होता रहा, जो सड़कें रह गई हैं। उनके लिए डीएम और शासन स्तर से मांग पत्र भेजा जा चुका है। धन मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
-एके माथुर, जेई, पीएमजीएसवाई