पौधारोपण करते समिति के पदाधिकारी। संवाद
बिल्सी। अरिहंत वृक्षारोपण समिति की ओर से विश्व पृथ्वी दिवस पर एक संगोष्ठी कैंप कार्यालय पर आयोजित की गई। सभी कार्यकर्ताओं ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे संस्थापक प्रशांत जैन ने कहा कि दिनों-दिन धरती के तापमान में वृद्धि हो रही है। हिमखंड तेजी से पिघल रहे हैं। समुद्र का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे कुदरत के लिए अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। प्रकृति की संरचना में की जा रही छेड़छाड़ के चलते वायुमंडल में गैसों का संतुलन बिगड़ गया है। इन सभी का एक मात्र उपाय पौधारोपण ही है। संरक्षक विष्णु ने कहा कि जब मनुष्य दुनिया छोड़ कर जाता है तो उसके अंतिम संस्कार में पेड़ों की लकड़ियों को जलाया जाता है। इसलिए लोगों को चाहिए की प्रकृति संरक्षण के लिए प्रत्येक मनुष्य को दो-दो वृक्ष अवश्य लगाने चाहिए। इस मौके पर पीयूष वार्ष्णेय, अनुज वार्ष्णेय, देव ठाकुर, वंश गिरी, ओजस्वी जौहरी, कासिम खैरवी आदि मौजूद रहे। संवाद