प्लेटफार्म दो और वाटर बूथ मिला नीचा
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली तमाम सुविधाओं और रेलवे स्टेशन की स्थिति की जांच करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की क्षेत्रीय रेलवे उपभोगिता परामर्श दात्री कमेटी (जेडआरयूसीसी) के 10 सदस्यों ने स्टेशन का निरीक्षण किया। कमेटी ने पाया कि रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म दो काफी नीचा है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
कमेटी के सदस्यों ने प्लेटफार्म दो पर गए, तो उसे मानकों से नीचा पाया। वहां पर घूमकर देखा तो पाया कि यात्रियों को इससे असुविधा होती है। रेलवे स्टेशन का जेनरेटर भी नहीं चलता है, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। प्लेटफार्म एक पर कैंटीन के बराबर में स्थित वाटर बूथ मानकों से काफी नीचा था, जिससे पानी पीने के लिए यात्रियों को काफी झुकना पड़ता था, जिसे सही कराने के लिए लिखा। कमेटी ने बताया कि दो माह में बढ़ी हुई ट्रेनों का संचालन बरेली तक शुरू हो जाएगा। कहा कि नए साल में लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन शुरू हो की उम्मीद जताई। कमेटी पहुंचने से रेलवे स्टेशन अधीक्षक ओपी मीना सहित वहां पर मौजूद अन्य अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहे। इस मौके पर नरवदेश्वर मणि, देव व्रत चौबे, संतोष यादव, रमेश यादव, अजय कुमार, आरती सिंह, रामेश्वर सरन लाल, केपी गुप्ता, तेजू यादव, भानु प्रताप गुप्ता के साथ ही सहायक वाणिज्य प्रबंधक पूर्वोत्तर एसके शंखधार आए थे। कमेटी में शामिल तीन लोग इस बार नहीं आ सके।
नियमों पर चलने की सीख देने वालों ने तोड़ा नियम
बदायूं। पूर्वोत्तर रेलवे की क्षेत्रीय रेलवे उपभोगिता परामर्श दात्री कमेटी जांच करने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंची। रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों को नियमों पर चलने की सीख देने वालों ने रेलवे स्टेशन पर खुद ही नियमों को तार-तार कर दिया। इसमें कमेटी सदस्यों से ज्यादा गलती स्थानीय रेलवे स्टेशन के अधिकारियों की थी कि उन लोगों ने चाटुकारिता के चलते उन्हें ऐसा करने से मना करने की जहमत भी नहीं उठाई। कमेटी पदाधिकारियों के वाहनों को रेलवे स्टेशन के नो-पार्किंग जोन में खड़ा कर दिया गया। इससे वहां पर आने वाले यात्रियों और राहगीर कहते हुए नजर आए कि यहां तो नियम बताने वाले ही तोड़ नजर आ रहे हैं। साथ ही स्टेशन पर कर्मचारियों में इसकी चर्चा भी होती रही।