कॉलेज परिसर में कार्यक्रम शुरू होने पर डायट के प्राचार्य राजीव दिवाकर ने मां सरस्वती चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं के साथ अध्यापन से जुड़ी जानकारियां शेयर कीं। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार करते रहने के लिए तौर-तरीकों में भी बदलाव आ रहा है। प्रशिक्षुओं को मौजूदा माहौल पर गौर करते हुए खुद को उसी के अनुरूप तैयार करना चाहिए। प्रशिक्षु छात्राओं ने अतिथियों के सम्मान में कार्यक्रम प्रस्तुत कर धूम मचा दी। छात्राओं ने गुरू वंदना भी प्रस्तुत की। प्रशिक्षुओं ने गुरुओं को सम्मानित किया।
बाद में कॉलेज परिसर में औषधीय पौधे रोपे गए। विभागाध्यक्ष नवीन कुमार ने प्रशिक्षुओं को औषधीय पौधे का महत्व समझाया। कहा कि औषधीय पौधों के जरिए स्वस्थ रहा जा सकता है। रोपे गए औषधीय पौधों कई प्रजातियों के हैं। कार्यकम में सुबुही, अमित कुमार, अरविंद कुमार सिंह, अवनीश गुप्ता, जुगेंद्र कुमार मौर्य, दीप्ति कठेरिया, श्वेता सिंह, रवेश सिंह, विक्रम सिंह, शैलेंद्र गौतम, लालाराम और बब्लू आदि मौजूद थे।