जलदान के लिए कछला गंगाघाट पर तड़के से लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्वाह्न तक संख्या हजारों में पहुंच गई। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद पितरों को याद किया। तर्पण करते हुए जलदान भी किया। अधिकतर श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों से मंत्रोच्चार भी कराया। साधु-संतों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा भी भेंट की गई। जलदान के दौरान श्रद्धालुओं ने हाथ में कुश भी धारण कर रखा था।
कुछ परिवार के सदस्यों ने घाट पर ही पितरों के सम्मान में भोज भी कराया। आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रम का दौर भी चला। उधर, भीड़भाड़ अधिक होने की वजह से प्राइवेट वाहनों में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। आवागमन की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस ने प्राइवेट वाहनों को पुलिस चौकी के पास अस्थायी स्टैंड बना कर खड़े कराया।