बदायूं/दातागंज। समरेर ब्लॉक के गांव सराय पस्तौर में बुधवार को जंगली सुअर के हमले में बालक की मौत के बाद वन विभाग जंगली सुअरों को लेकर गंभीर हो गया है। जिले के चारो वन रेंज में जंगली सुअरों को लेकर सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। डीएफओ ने कहा है कि कहीं पर जंगली सुअरों का आतंक ज्यादा होता है तो वहां के ग्रामीणों को जंगली सुअरों को मारने के लिए परमिट भी दिए जाएंगे।
समरेर ब्लॉक के गांव सराय पस्तौर में बुुधवार को बाबूराम के 12 वर्षीय बेटे सूरज को हमला कर जंगली सुअर ने मार डाला था। सुअर ने सूरज के शव का क्षत विक्षत कर दिया था। दरअसल, जिले में जंगली सुअरों को लेकर वन विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। इनकी गणना की भी व्यवस्था नहीं है। इस कारण कई इलाकों में जंगली सुअरों की संख्या काफी बढ़ गई है। यह सुअर फसलों को तो काफी नुकसान पहुंचाते ही हैं, अक्सर ग्रामीणों को हमला कर घायल भी कर देते हैं। गंगा और रामगंगा के तटवर्ती इलाकों में जंगली सुअरों की संख्या काफी ज्यादा है। बृहस्पतिवार को डीएफओ विवेक कुमार गुप्ता ने सराय पस्तौर पहुंच कर ग्रामीणों से बात की। उन्होंने घटना स्थल का मौका मुआयना करने के साथ रेंजर रविंद्र सिंह बिष्ट को जरूरी निर्देश भी दिए। इसके साथ ही डीएफओ ने ग्रामीणों से कहा है कि अगर वह जंगली सुअरों को मारना चाहते हैं तो वन विभाग की ओर से परमिट दिया जाएगा। तहसील स्तर पर एसडीएम भी जंगली सुअरों को मारने के लिए परमिट जारी कर सकते हैं। जंगली सुअरों को लेकर ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के लिए भी उन्होंने कहा।
बच्चे के परिवारवालों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। बच्चे के परिवार वालों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। जंगली सुअरों को मारने के लिए परमिट जारी करने की भी व्यवस्था की गई है। - विवेक कुमार गुप्ता, डीएफओ