सपा से बगावत कर लोकदल से चुनाव लड़ रहे हैं कैप्टन
मां चेतना सिंह (पूर्व जिपं अध्यक्ष) और पिता भी बाहर
कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमपाल सिंह की शिकायत पर हुई कार्रवाई
अपने चुनाव प्रचार में मुलायम सिंह यादव की तस्वीर इस्तेमाल करने पर समाजवादी पार्टी ने दातागंज से लोकदल प्रत्याशी कैप्टन अर्जुन के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर दी है। पार्टी ने कैप्टन अर्जुन के साथ उनकी मां पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह यादव और पिता नरेश प्रताप सिंह को भी निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी प्रेमपाल सिंह की शिकायत पर की गई है। निष्कासन का पत्र प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने जारी किया है।
सपा ने कांग्रेस से गठबंधन से पहले कैप्टन अर्जुन को ही दातागंज में प्रत्याशी घोषित किया था। गठबंधन के बाद यह सीट अपने खाते में आने के बाद कांग्रेस ने यहां से सपा के बागी नेता व पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। सपा से टिकट कटा तो कैप्टन अर्जुन बगावत कर लोकदल के टिकट पर चुनाव में कूद गए। अब अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर पर उनके साथ उनकी मां चेतना सिंह यादव और पिता नरेश प्रताप को भी सपा से निष्कासित कर दिए जाने को बदायूं में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
बता दें कि यह परिवार लंबे अर्से से सपा से जुड़ा हुआ था। चेतना सिंह को सपा के टिकट पर ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली थी। उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति जिला संगठन ने की थी। सपा के जिला महासचिव सुरेशपाल सिंह चौहान ने बताया कि पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव ने शिकायत की थी कि कैप्टन अर्जुन सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के फोटो का इस्तेमाल अपने पैंफलेट में कर रहे हैं। जांच में यह शिकायत सही पाई गई। चौहान ने बताया कि पार्टी से निष्कासन के बाद अगर आगे भी अर्जुन नेताजी के फोटो का इस्तेमाल करेंगे तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लोकदल का नेता जी वास्ता रहा
नेता जी मुलायम सिंह यादव के प्रति मेरी गहरी आस्था है इसलिए मैंने पंफलेट में उनका फोटो लगाया है। कहीं भी समाजवादी पार्टी और साइकिल निशान का प्रयोग नहीं किया है। इसलिए मैं गलत नहीं हूं। वैसे भी लोकदल का नेताजी से वास्ता रहा है। मैं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी सम्मान करता हूं। सपा से निष्कासन तो प्रो. रामगोपाल सिंह यादव का भी हुआ।
-कैप्टन अर्जुन प्रताप सिंह, लोकदल प्रत्याशी दातागंज