सरकारी आवास के बाहर खड़ा फार्मासिस्ट का परिवार। संवाद
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बदायूं। स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट के परिवार को बुधवार शाम नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना ने सरकारी आवास से बाहर निकाल दिया। आवास में ताले डाल दिए। फार्मासिस्ट और उसके परिवार ने दूसरे घर में शिफ्ट होने के लिए कुछ समय मांगा, लेकिन अधिकारियों ने इन्कार कर दिया।
जिला अस्पताल में डीके शुक्ला की फार्मासिस्ट पद पर तैनाती थी। शासन ने उनका स्थानांतरण प्रतापगढ़ कर दिया था। नई तैनाती पर डीके शुक्ला ने ज्वाइन नहीं किया, बल्कि कोर्ट चले गए। कोर्ट से राहत नहीं मिली। इसके बाद डीके शुक्ला ने जनवरी, 2022 में प्रतापगढ़ में ज्वाइन कर लिया। उनका परिवार अब तक यहीं रजिस्ट्री कार्यालय के सामने बने सरकारी आवास में रहता है। यहां उनकी पत्नी वंदना शुक्ला, बेटा अभिषेक और बेटी प्रीति शुक्ला रह रहे हैं। डीके शुक्ला भी अवकाश पर आए हुए हैं।
बुधवार शाम नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना यहां पहुंचे। उन्होंने डीके शुक्ला के सरकारी आवास में ताले डाल दिए और परिवार के लोगों को बाहर निकाल दिया। वंदना का कहना है कि उन्होंने आवास खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया।
इधर, नायब तहसीलदार ने बताया कि फार्मासिस्ट के तबादले को काफी समय हो गया है। उनको कई बार सरकारी आवास खाली करने का वक्त भी दिया गया है। दिवाली से पहले भी उनको आवास खाली करने के लिए समय दिया था। बार-बार समय दिए जाने के बाद भी आवास खाली न करने पर कार्रवाई की गई है। असुविधा से बचने के लिए बाहर का कमरा खुला छोड़ दिया गया है।