बदायूं। पूर्व डीजीसी क्रिमिनल साधना शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की जमानत तीसरी बार उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है। 23, मई 2016 को बदायूं कोर्ट से कार्य पूरा कर उझानी घर जाते समय पूर्व डीजीसी क्रिमिनल साधना शर्मा की हत्या गाड़ी से कुचलवाकर करा दी गई थी।
विवेचना में सामने आया कि आरोपी पीसी शर्मा ने अपने साथियों के साथ साज करके इस हत्या को अंजाम दिलाया तथा उसी ने मृतका की बहन विपर्णा गौड़ को गुमराह करके एफआईआर लिखवाई। विवेचना में पीसी शर्मा, उसकी पत्नी कमलेश शर्मा, उसके भाई धर्मेंद्र उर्फ कल्लू, साले गिरीश मिश्रा, मृतका की बहन श्रद्धा गुप्ता, बहनोई श्रवण गुप्ता सहित सुपारी लेकर मारने वाले मस्ताना, इशरत, पिंटू उर्फ नरेंद्र, राजू उर्फ रियाज, मोहब्बत उर्फ साजिद तथा यासीन उर्फ बाबा का नाम प्रकाश में आया।
सभी के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल हुई। दो जुलाई-20 को पीसी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, तब से वह जेल में ही है। इसके बाद दो बार उसकी जमानत खारिज हो चुकी है। अब एक बार फिर एक नवंबर को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सिद्धार्थ ने पीसी की जमानत को खारिज करते हुए छह माह में विचारण पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।