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Budaun News: खुद ही सजग नहीं लोग, सुरक्षा से कर रहे खिलवाड़

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तीन सवारी बिना हेलमेट जाते स्कूटी सवार युवा। संवाद
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बदायूं। जिले में यातायात माह चल रहा है। नियमों का पालन कराने के लिए चल रहे अभियान का असर कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा। तीन से चार सवारी के साथ बाइक सवार सड़कों पर बिना हेलमेट फर्राटा भर रहे हैं। पुलिस की निष्क्रियता से नियम को दरकिनार कर वाहन चालक मनमानी कर रहे हैं।
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एक ओर जिले की सड़कों पर जहां सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर यातायात नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। इसको लेकर यातायात व थाना पुलिस गंभीर नहीं है। शहर से लेकर देहात तक सोमवार को पड़ताल के दौरान कई क्षेत्रों में बिना हेलमेट तीन से चार सवारी बैठाकर लोग बाइक दौड़ाते दिखाई दिए।

इसके अलावा डग्गामार वाहन भी तय मानक से अधिक सवारी लेकर सड़कों पर चल रहे हैं। इसकी वजह से जहां हर रोज दुर्घटनाएं हो रहीं हैं, वहीं प्राइवेट वाहनों का सफर खतरनाक साबित हो रहा है। कार्रवाई न होने की लोग बेखौफ नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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दावा: किया जा रहा जागरूक
यातायात नियम के तहत परिवहन विभाग लोगों को जागरूक करने का दावा कर रहा है। अभियान के दौरान लोगों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाने, दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी नहीं बैठाने को कहा जा रहा है। इसके साथ ही वाहनों को तेज रफ्तार न चलाने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, कार में सीट बेल्ट का प्रयोग करने, वाहनों को गलत दिशा में ओवरटेक नहीं करने की बात बताई जा रही है।



मोटरसाइकिल एक और सवारियां तीन से चार तक
दो सवारियों की बाइक पर तीन से चार सवारियां चल रहीं हैं, वह भी बिना हेलमेट के, जिससे जान का खतरा बढ़ रहा है। रविवार की शाम इस्लामनगर के कुंदावली गांव के पास दो बाइकें टकरा जाने से तीन लोगों की जान चली गई थी। चार लोग अब भी जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके लोग इन हादसों से सबक नहीं ले पा रहे। युवा बिना हेलमेट के ही बाइक दौड़ा रहे हैं। दुर्घटना में सबसे ज्यादा नुकसान हेलमेट न पहनने से हो रहा है। सड़क दुर्घटनाएं में दुपहिया वाहन सवारों की सबसे अधिक मौतें हेलमेट न पहनने वालों की ही हो रहीं हैं। इस्लामनगर रोड पर हुआ हादसा इसका उदाहरण है। दोनों बाइक सवारों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था।
ऐसा नहीं है कि यातायात पुलिस कार्रवाई न कर रही हो। यातायात पुलिस एवं सिविल पुलिस की ओर से जिले भर में रोजाना ही 200 से अधिक बिना हेलमेट एवं दुपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी लेकर चलने पर चालान किया जा रहा है, बावजूद इसके युवा नियमों का उल्लंघन करना अपनी शान समझते हैं।

जान जाने से पूरा परिवार होता है प्रभावित
अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही से वाहन चलाने पर, नशे में वाहन चलाने पर हो रहीं हैं, जबकि हेलमेट न पहनने से जान जा रहीं हैं। लोगों को अपनी और दूसरों की जान की परवाह करनी चाहिए। इससे पूरा परिवार प्रभावित होता है। लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी लोग मानने को तैयार नहीं हैं। -अशोक कुमार, सीओ, यातायात

तीन सवारी बिना हेलमेट जाते स्कूटी सवार युवा। संवाद

तीन सवारी बिना हेलमेट जाते स्कूटी सवार युवा। संवाद

तीन सवारी बिना हेलमेट जाते स्कूटी सवार युवा। संवाद

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