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Budaun News: सऊदी अरब में फंसे लोग लगा रहे वतन वापसी की गुहार

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बदायूं। सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों में फंसे जिले के 500 से अधिक लोगों ने सरकार से सकुशल घर वापसी की गुहार लगाई है। प्रशासन की तरफ से डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसके बाद ही उनके घर वापसी की राह बन सकेगी। वहां फंसे लोगों का कहना है कि इस्राइल की ओर से की जा रही बमवारी के जवाब में ईरान की तरफ से अमेरिका के खाड़ी देशों में स्थित फौजी अड्डों पर मिसाइल हमलों से कार्यवाही की जा रही है। इससे उनके घरों से निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
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सैदपुर। कस्बे के खाड़ी देशों में करीब 100 से अधिक लोग सऊदी अरब, कतर, ओमान दुबई में नौकरी और व्यवसाय कर रहे हैं। अमेरिका-इस्राइल-ईरान की जंग ने परिवार वालों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दिन रात परिजन उनकी सुरक्षा की दुआ कर रहे हैं। साथ ही उनसे दिन-रात संपर्क बनाए हुए हैं।

कस्बे के मोहल्ला पूरब निवासी मुशफ़्फे उर रहमान ने बताया कि उनके बहनोई सैयद इफ्तिखार आलम उर्फ़ वसीम ओमान की राजधानी मस्कत में रिफाइनरी में 17 वर्ष से इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। फोन पर बताया कि लगातार बमों और सायरन की आवाजें आ रहीं हैं। डर का साया बना हुआ है। सायरन बजते ही वह सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। रिफाइनरी में काम करना वर्तमान में बहुत ही संवेदनशील है।
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इसी मोहल्ले के नदीम खान पिछले साढ़े तीन वर्ष से दुबई में नौकरी कर रहे हैं। उनकी माता शाहीन बेगम ने बताया कि फोन पर लगातार बात हो रही है। दुबई सरकार की तरफ से घोषणा हुई है कि सभी लोग अपने-अपने फ्लैट में रहें, जरूरी काम से ही बाहर निकले। घरेलू सामान खरीद की नई व्यवस्था लागू की गई है। परिजनों की संख्या के हिसाब से वह सामान खरीद सकते हैं, लेकिन डर का साया बना हुआ है। रुक-रक कर बम धमाकों और सायरन की आवाज आ रहीं हैं।

कस्बे की मोहल्ला पूरब, नई बस्ती, मोहल्ला खेड़ा के करीब 70 से 80 लोग सऊदी अरब के रियाद के पास जुबैल शहर में एक एसीटी कंपनी में क्रेन ऑपरेटर और सुपरवाइजर के पद पर काफी समय से नौकरी कर रहे हैं। इसके पास ही अमेरिका फौजी अड्डों की वजह से हर समय डर का साया बना हुआ है।
इस कंपनी में काम करने वालों में मोहल्ला खेड़ा सादात के सय्यद मोहम्मद गौस अली, आजम अली, कासिम अली, तौकीर अली, शदान अली और मोहल्ला पूरब के जावेद खान, अकबर खान, अखलाक ख़ान, आगाज़ खान, खालिद खान, इदरीस खां, शाहबुद्दीन शेख तथा मोहल्ला नई बस्ती के स्वाले खान, नदीम अख्तर, मंजूर ख़ान, हनीफ खान सहित सभी लोग जुबैल शहर में वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं।

इसी कंपनी में दो दशक से काम करने अकबर खान की पत्नी नाज़ परवीन ने बताया कि उनका अपने पति से लगातार संपर्क बना हुआ है। फिलहाल उन्होंने सब ठीक बताया है, लेकिन सरकार ने कंपनी की छुट्टी कर फ्लैट में रहने की हिदायत जारी की है। मास्टर अफजल खान के दो पुत्र आगाज़ खान और अफ़ज़ाल ख़ान भी इसी कंपनी में कार्यरत हैं फ़ोन पर संपर्क पिता से बना हुआ है। भारत आने की ख्वाहिश जाहिर कर रहे हैं।
कस्बे के मोहल्ला ख्वाजा चौक निवासी सलमान खान और ज़ुबैर ख़ान क़तर में कई दशकों से पूरा परिवार रह रहा है, दोनों भाई परिवार सहित कतर में इंजीनियर के पद पर नौकरी कर रहे हैं। सलमान ने फोन पर बताया डर का बहुत ही साया बना हुआ है। दिनरात सायरन और बम की आवाजें गूंज रहीं हैं, साथ ही परिजनों के फोन की घंटियां भी बज रही हैंं। उनका पूरा परिवार चिंता में है।
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