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रविंद्र के इशारे पर घटना को अंजाम देता था विक्रम, अब तक नहीं चढ़ा हत्थे

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बदायूं। तिहरे हत्याकांड में नामजद विक्रम उर्फ विक्की रविंद्र दीक्षित का दाहिना हाथ बताया जाता है। वह उसके एक इशारे पर घटनाओं को अंजाम देता आया है। रविंद्र के खिलाफ दर्ज अधिकतर मामलों में उसका नाम भी शामिल है, लेकिन वह अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस उसे तलाशने का दावा कर रही है।
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विगत 24 मई 2020 को सथरा गांव की सरिता देवी पत्नी अवनीश कुमार ने रविंद्र पाल दीक्षित, उसके बेटे सार्थक और विक्रम उर्फ विक्की के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि उसके पति और गांव के रतिभान बाइक लेकर सड़क से गुजर रहे थे। रविंद पाल ने सड़क के दूसरे ओर ट्यूबवेल से पाइप डाला था। बाइक निकालते समय पाइप फट गया, जिससे रविंद्र ने रतिभान को पैसा भरने को कहा था।
महिला का कहना है कि 23 मई को डहरपुर निवासी उसका भाई शेखर और रतिभान कटरा से लौट रहे थे। तभी रविंद्र ने उन्हें बंधक बना लिया और अपने घर में ले जाकर उन्हें बंद कर दिया। इस पर अवनीश और नन्हे पुत्र हुकुमी रुपये लेकर रविंद्र के घर गए तो रविंद्र, सार्थक और विक्रम उर्फ विक्की ने गालीगलौज करते हुए फायरिंग कर दी। इसमें अवनीश को पेट में गोली लगी। उसका इलाज बरेली में हुआ था।
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इसके अलावा चार अप्रैल 2021 को नगरिया गांव के अमन बाबू ने सार्थक और विक्की के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसमें भी विक्की ने सार्थक के साथ घटना को अंजाम दिया था। इस तिहरे हत्याकांड में भी विक्की शामिल है। और भी मामलों में उसका नाम शामिल है। गांव वाले भी दबी जुबान कहते हैं कि विक्की रविंद्र पाल के तमाम मामलों में साथ रहा है। उसके इशारे पर विक्रम ने घटनाओं को अंजाम दिया है। तिहरे हत्याकांड के बाद से विक्रम फरार है। पुलिस उसे तलाश कर रही है।
नगरिया के अमन पर किया था सामूहिक हमला
बदायूं। तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी रविंद्र पाल दीक्षित के बेटे सार्थक और विक्की ने नगरिया गांव के अनुसूचित जाति के अमन बाबू पर सामूहिक हमला किया था। अमन का कहना था कि चुनाव के दौरान ग्रामीण अपने-अपने वोट सही करा रहे थे। उसने भी अपने वोट सही कराने की मांग थी। इससे रविंद्र पाल चिढ़ गया था।
अमन चार अप्रैल, 2021 को अपने गांव नगरिया से सथरा गांव जा रहा था। तभी रास्ते में सार्थक, विनय, विकास, मेघनाथ, विक्रम उर्फ विक्की, रघुनाथ उर्फ चेयरमैन, अरविंद, जयजोश उर्फ बदन सिंह, सुरेश चंद्र और लेखराज ने गाड़ी लगाकर घेर लिया था। उन्होंने उसके साथ मारपीट की थी। यह देखकर उसके गांव के कुछ लोग आ गए थे। इससे आरोपी भाग गए थे। इस मामले में अमन ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। संवाद
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