बदायूं। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार दोपहर अस्पताल की इमरजेंसी में दो लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिवार वालों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर ऑक्सीजन न लगाने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। जबकि डॉक्टरों ने तीमारदारों पर मारपीट का आरोप लगाया है। सीएमएस ने तीमारदारों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
बृृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे शहर के मोहल्ला नेकपुर निवासी सुल्तान सिंह (60) को जिला अस्पताल लाया गया था। उनके कुछ देर बाद उझानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अब्दुल्लागंज निवासी अजीत कुमार दुबे इमरजेंसी पहुंचे। बताते हैं कि उस वक्त दोनों मरीजों की हालत ज्यादा खराब थी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऑक्सीजन का स्तर काफी घट गया था। सुल्तान सिंह के साथ पहुंचे परिवार वाले लगातार डॉक्टर से उन्हें बचाने की बात कह रहे थे। दिक्कत की बात ये थी कि इमरजेंसी में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन केवल एक थी और मरीज दो थे। डॉक्टरों ने पहले मशीन अजीत कुमार दुबे को लगाई थी लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। उन्होंने 20 मिनट के बाद दम तोड़ दिया। यह देखकर डॉक्टरों ने मशीन सुल्तान सिंह के लगाई। इसके कुछ देर बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस पर उनके परिवार वाले बिफर गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। आरोप है कि इस दौरान कई डॉक्टर आ गए। सभी ने मिलकर उनके परिवार वालों के साथ मारपीट की। जबकि इमरजेंसी में तैनात डॉ. जीके गुप्ता और डॉ. चक्रेश कुमार ने परिवार वालों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने जैसे-तैसे मामला शांत किया। उसके बाद दोनों मृतकों के परिवार वाले अपनों के शव घर ले गए।
जिस वक्त दोनों मरीजों को इमरजेंसी लाया गया था। उस दौरान दोनों की हालत खराब थी। उस समय इमरजेंसी में डॉ. जीके गुप्ता और डॉ. चक्रेश कुमार थे। 15-20 मिनट में दोनों मरीजों की मौत हो गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया था। इसके बावजूद अस्पताल में हंगामा और मारपीट करना सही नहीं है। हमने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है। - डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस, जिला अस्पताल