बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार की रात करीब 35 वर्षीय मरीज संजू ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। उसे 18 मार्च को यहां भर्ती कराया गया था। रात करीब 01:30 बजे वह अपने परिवार वालों के सो जाने पर नीचे कूद गया।
मरीज संजू पुत्र भीकम कासगंज जिले में सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव मानपुर नगरिया का रहने वाला था। उसके परिवार वालों के मुताबिक- संजू खेतीबाड़ी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। वह दो भाइयों में छोटा था। करीब 10 साल पहले उसके बड़े भाई हरप्रसाद की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार वालों ने उसकी शादी बड़े भाई की पत्नी सतानो से करा दी थी।
परिवार वालों ने बताया कि 16 मार्च को संजू अपने घर में गिर गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। तब से मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। दो दिन तक परिवार वाले उसे इधर-उधर दिखाते रहे। फिर 18 मार्च को उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज ले आए। वह चौथी मंजिल पर स्थित मानसिक रोगी वार्ड में भर्ती था।
बृहस्पतिवार रात उसके बेड के नजदीक पत्नी सतानो, बहन रज्जो और भतीजा राजकुमार सो रहा था। रात करीब दो बजे अचानक सतानो की आंख खुली तो संजू बेड पर नहीं था। उसे लापता देखकर परिवार वालों के होश उड़ गए। वह उसकी खोजबीन करने में जुट गए। परिवार वालों ने ऊपर से नीचे तक सभी वार्ड खंगाल डाले। बाहर भी जाकर उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। जब परिवार वालों ने बिल्डिंग के नजदीक खिड़की के नीचे जाकर देखा तो वहां संजू मृत अवस्था में पड़ा था। परिवार वालों के शोर मचाने पर कई कर्मचारी और डॉक्टर आ गए। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना थाना पुलिस को दी, जिससे सुबह पुलिस पहुंच गई। दोपहर में उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद परिवार वाले शव को लेकर मानपुर नगरिया चले गए।
परिवार वाले बोले- खिड़की में होती ग्रिल तो नहीं कूद पाता संजू
परिवार वालों का कहना है कि जिस वार्ड में संजू को भर्ती कराया गया था। उसकी खिड़की में ग्रिल नहीं लगी थी। अगर लगी होती तो संजू बाहर नहीं कूद पाता।
बृहस्पतिवार की रात करीब 01:30 बजे मरीज चौथी मंजिल की खिड़की से नीचे गिर गया है। हालांकि उस वार्ड की खिड़की काफी ऊंची है। लगता है उस खिड़की से मरीज कूदा होगा। उसकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं थी। - डॉ. एनसी प्रजापति, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज