चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में देवी शक्ति के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना हुई। मंदिरों में दिन भर देवी दर्शन का सिलसिला चला। देवी का शृंगार हुआ। शाम को भजन-कीर्तन और विशेष आरती हुई।
प्रसिद्ध नगला देवी मंदिर पर देवी दर्शन के लिए दिन भर भक्तों की कतारें लगी रहीं। माता शैलपुत्री देवी शक्ति का प्रथम स्वरूप हैं। मान्यता है कि देवी का उपासना से पापों का नाश होता है। पर्वत राज की पुत्री होने के कारण देवी का नाम शैलपुत्री पड़ा। नवरात्र के प्रथम दिन देवी के इस रूप की पूजा अर्चना का विधान है। देवी भक्तों ने पहले दिन घरों में घट स्थापना के बाद देवी की पूजा अर्चना की।
अखंड ज्योति का प्रज्वलन
बदायूं। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के तत्वावधान में नवरात्र के प्रथम दिन अखंड ज्योति का प्रज्वलन विद्युत विभाग के अधीक्षक अभियंता अनूप चंद्रा ने किया। अखंड ज्योति पूरे नवरात्र प्रज्ज्वलित रहेगी। पंकज सक्सेना, दीपक सक्सेना, आजाद चंद्र सक्सेना, अशोक सक्सेना, रजन प्रकाश सक्सेना, महेश सक्सेना, आशीष सकसेना, शरद सक्सेना, अभिषेक सक्सेना आदि रहे।