बदायूं। ब्लॉक सालारपुर के गांव पड़ौलिया में डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी संकल्प शर्मा ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। इसमें डीएम ने कहा कि यह धान व गन्ना कटाई का सीजन चल रहा है। यह देखा गया है कि कटाई के बाद इसके अवशेषों को जला दिया जाता है। यह खेत के लिए बहुत हानिकारक है, इससे खेत की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है, भूमि बंजर बन जाती है। इसके अलावा इसके धुएं से वायु प्रदूषण भी होता है। दिल्ली आदि जैसे महानगरों में इस धुएं के कारण वातावरण दूषित हो रहा है। इससे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और दमा की बीमारियां होने लगी हैं। इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि कहीं भी पराली नहीं जलाई जाएगी। यदि कोई जलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर छोटी न्यायालयों में राहत नहीं मिल सकेगी, फिर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। इस गलत फहमी में न रहें कि आपने पराली जला ली है और किसी ने आपको नहीं देखा है। पराली जलाने की घटनाओं पर सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। इसमें छह महीने तक की जेल और 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।