कोरम पूरा न होने के कारण 220 ग्राम पंचायतों में नहीं हो सकेंगी बैठकें
जिले में 1038 ग्राम पंचायतों में से 220 ग्राम पंचायतों में सदस्यों को कोरम पूरा नहीं होने के कारण इन ग्राम पंचायतों में बैठक नहीं हो सकेगी। बाकी ग्राम पंचायतों में बैठकें होंगी। बैठकों को व्यवस्था संबंधित ग्राम सचिव कराएंगे, जबकि इसकी अध्यक्षता प्रधान द्वारा की जाएगी। इसके लिए डीपीआरओ राजेश यादव ने सभी सचिवों को दिशा निर्देश दे दिए हैं। पहली बैठक में सभी छह समितियों के गठन के साथ शासकीय योजनाओं की सभी को जानकारी दी जाएगी और गांव के विकास ओर कार्यक्रमों की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। जिन सचिवों पर एक से अधिक ग्राम पंचायतें हैं वे अलग-अलग समय निर्धारित कराके बैठकें कराएंगे। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक बैठकों का क्रम चलेगा।
2445 सदस्यों के पद रिक्त, नहीं हो सकेगी बैठक
जिले की 1038 ग्राम पंचायतों में 12,874 ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या है। 3166 चयनित और 7263 निर्विरोध ग्राम पंचायत सदस्य चुन लिए गए। 2445 सदस्यों के पद अब भी रिक्त पड़े हैं। सबसे ज्यादा रिक्त पद 242 समरेर ब्लॉक में हैं जबकि सबसे कम 68 उसावां ब्लाक में हैं। इस्लामनगर में 126, दहगवां में 215, सहसवान में 236, उझानी में 202, जगत में 162, कादरचौक में 1010 सालारपुर में 238, दातागंज में 227, समरेर में 242, म्याऊं में 75, उसावां में 68, अंबियापुर में 177, आसफपुर में 77, वजीरगंज में 106 और बिसौली में 193 ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त पड़े हैं।
2/3 सदस्य होने पर ही चलेगी प्रधानी
पंचायतराज नियमावली के अनुसार 2/3 सदस्यों का होना जरूरी है लेकिन जिले में कई ग्राम पंचायत ऐसी हैं जहां दो-तीन सदस्य बने हैं। कुछ गांव तो ऐसे हैं जहां एक भी सदस्य नहीं चुना गया है। वजह है कि समिति में सदस्य पदों का महत्व अब कम समझा जाने लगा है, इस कारण इन पर चुनाव लगने को प्रत्याशी खड़े नहीं होते। कम सदस्यों वाली ग्राम समितियों वाले प्रधानों को प्रधान रहते हुए तबतक अधिकारों से वंचित रखा जाएगा, जबतक सदस्यों की मानक के अनुसार संख्या नहीं हो जाती। उपचुनाव में इन रिक्त पदों को भरा जा सकता है।