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निर्दलीयों के पास होगी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी की चाबी

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बदायूं। जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए मतगणना मंगलवार देर रात तक जारी रही। देर रात तक आए चुनाव परिणामों से साफ हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर उसी का कब्जा होगा जो निर्दलीयों को अपने पाले में लाने में कामयाब हो सकेगा। जिले में जिला पंचायत सदस्य पद की कुल 51 सीटें हैं। मंगलवार देर रात तक 42 सीटों के परिणाम आ गए। इनमें 12 सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा किया है। भाजपा को 16, सपा को आठ, बसपा को चार, कांग्रेस और महान दल को एक-एक सीट मिल चुकी है। नौ सीटों पर मतगणना जारी है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 26 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। अब तक जिन नौ सीटों पर मतगणना जारी है उनमें कई पर सपा और निर्दलीय बढ़त बनाए हुए हैं। अगर यह सभी नौ सीटें भाजपा को मिल भी जाती हैं। तब भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उसके पास पूर्ण बहुमत नहीं होगा। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष तय करने में निर्दलीयों की भूमिका को अहम माना जा रहा है।
मंगलवार देर रात तक आए चुनाव परिणामों पर गौर करें तो कई दिग्गजों को मतदाताओं ने नकार दिया है, जबकि निर्दलीयों को मौका दिया है। लंबे समय के बाद कांग्रेस ने भी सालारपुर ब्लॉक की बनेई सीट पर कब्जा कर लिया है। यहां भाजपा ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख अशोक वर्मा को प्रत्याशी बनाया था। इस सीट पर कांग्रेस की ईश्वरवती ने बड़े अंतर से चुनाव जीता है। पूर्व विधायक शिनोद शाक्य की पत्नी भी जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई हैं।
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जगत से भाजपा की तारावती, बेहटा गोसाईं से यावित्री शाक्य, आसफपुर से अमर सिंह, वनकोटा से जयपाल धोबी, मालपुर ततेरा से राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, खुकड़ी से सीमा गुर्जर, परसिया से ममता देवी, कादरचौक से महेश शाक्य, लश्करपुर ओहिया से कुलदीप गुप्ता चुनाव जीते हैं। जिला पंचायत की शेष नौ सीटों पर मतगणना जारी है। निर्वाचित सदस्यों को जिला मुख्यालय पर प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
पूनम यादव, रेखा शाक्य और वर्षा यादव चुनाव जीतीं
बदायूं। पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव की पत्नी और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव डकारा पुख्ता, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव की पत्नी वर्षा यादव कोल्हाई और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य की पत्नी रेखा शाक्य ब्योर से चुनाव जीत गई हैं। भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह की पत्नी मेखला सिंह पुसगवां से चुनाव हार गई हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरिक्षत है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में यही चार नाम गिने जा रहे थे। मेखला के चुनाव हारने के बाद तीन नाम बचे हैं। हालांकि, भाजपा ने अभी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामों पर विचार नहीं किया है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इन्हीं तीन में एक को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिलेगी।
मतदान के बाद प्रत्याशी की मौत, मतगणना में विजयी घोषित
बिल्सी। अंबियापुर जिला पंचायत सदस्य पद पर कांती देवी पत्नी डॉ. बीपी सिंह उर्फ कल्लू डॉक्टर निवार्चित हुई हैं। उन्होंने भाजपा के क्षेत्रीय क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह की पत्नी मेखला सिंह को बड़े अंतर से हराया है। 19 अप्रैल को मतगणना के बाद कांती देवी का निधन हो गया था। इस सीट पर अब बाद में चुनाव कराया जाएगा।
चुनाव जीतने वाले छह निर्दलीय भाजपा में शामिल
बदायूं। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा, मंगलवार देर रात यह लगभग साफ हो गया। भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारती का कहना है कि छह निर्दलीय भी भाजपा में स्वेच्छा से शामिल हो गए हैं। जिलाध्यक्ष से जब जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि पार्टी हाई कमान को पैनल भेजा जाएगा। उनसे जब जिला पंचायत में भाजपा को पूर्ण बहुमत न मिलने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि शेष नौ सीटों के जो परिणाम आने हैं उनमें कम से कम सात पर भाजपा जीतेगी। इसके अलावा निर्दलीय रूप से जिला पंचायत सदस्य चुने गए छह सदस्यों ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। इन सदस्यों के नामों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि नाम वह दो दिन बात बताएंगे।
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