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मेडिकल कॉलेज में बेड फुल हुए, 100 से ज्यादा गंभीर संक्रमित ऑक्सीजन पर

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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालत यह हैं कि ऑक्सीजन का बैकअप भी कुछ ही घंटे का बचा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी किसी तरह से हालात नियंत्रण करने में जुटे हुए हैं। इस बीच मंगलवार को गंभीर संक्रमितों की संख्या बढ़कर 104 तक पहुंच गई है। इनको ऑक्सीजन पर रखा गया है।
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कोरोना की दूसरी लहर लगातार विकराल रूप ले रही है। इस दौरान कई बार आपात स्थिति पैदा हो चुकी है। सोमवार को काशीपुर प्लांट से 60 और बरेली से दो खेप में 80 सिलिंडर की सप्लाई मिलने के बाद हालात में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन संक्रमितों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन खपत भी बढ़ गई है। प्रतिदिन 200 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलिंडर खर्च हो रहे हैं। इसके अनुपात में सप्लाई नहीं मिल रही। मंगलवार को काशीपुर प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिल सकी। वहीं बरेली प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने से सप्लाई लटक गई है। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज में कुछ घंटे का ऑक्सीजन बैकअप ही बचा है। अधिकारी खुद इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि कभी भी स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए बदायूं से काशीपुर और बरेली दो गाड़ियां गई हैं। मंगलवार देर शाम तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिल सकी थी। इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूले हुए हैं। किसी तरह से हालात को नियंत्रण में रखने के लिए सभी जतन किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार ऑक्सीजन प्लांटों के संपर्क में हैं।
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बेड फुल, कई संक्रमितों को नहीं किया गया भर्ती
राजकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को बेड फुल हो गए। ऐसे में कई संक्रमितों को भर्ती नहीं किया जा सका। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बेड बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिन संक्रमितों की हालत में तेजी से सुधार हो है उनको दूसरे फ्लोर पर शिफ्ट किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में यूं तो 300 बेड की व्यवस्था है, लेकिन कोरोना मरीजों के लिए 104 बेड रखे गए थे। यहां 103 वेंटीलेटर भी हैं। ऐसे में अगर गंभीर संक्रमितों की संख्या में और इजाफा होता है तो मरने वालों की संख्या भी बढ़ जाएगी। नेकपुर निवासी शिक्षक महेश चंद्र के परिवार वाले भी हालत गंभीर होने पर उनको मंगलवार दोपहर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने पहुंचे थे। यहां बेड न होने की बात कहते हुए उनको भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। बाद में परिवार वाले उनको किसी निजी अस्पताल में ले गए।
अधिकारियों ने फोन रिसीव करना बंद किए
ऑक्सीजन के लेकर पैदा हो रही आपात स्थिति के बीच जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन रिसीव करना भी बंद कर दिए हैं। सीएमओ कोरोना कंट्रोल रूम में भी लोगों का संपर्क नहीं हो पा रहा है। सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह, कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. राम मिलन भी मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे हैं। मंगलवार शाम चार से छह बजे तक कंट्रोल रूम समेत सीएमओ और नोडल अधिकारी को कई बार कॉल करने के बाद भी फोन रिसीव नहीं हुआ। देर शाम इन अधिकारियों ने एक बार फोन रिसीव किया, लेकिन ऑक्सीजन और कोरोना को लेकर गंभीर हो रहे हालात पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह का कहना है कि अगर मेडिकल कॉलेज में बेड फुल हो गए हैं तो बेड बढ़ाए जाएंगे। वहीं नोडल अधिकारी डॉ. राम मिलन ने बैठक में होने की बात कहते हुए फोन ऑफ कर दिया। सीएमओ कोरोना कंट्रोल रूम से भी संपर्क नहीं हो सका।
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ऑक्सीजन को लेकर एक बार फिर से आपात हालात बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के साथ प्रशासनिक अधिकारी जरूरत के अनुरूप ऑक्सीजन जुटाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। बरेली ऑक्सीजन प्लांट में उत्पादन प्रभावित होने के कारण समस्या हो रही है। मंगलवार को काशीपुर से भी ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिल सकी। बैकअप खत्म होने के कगार पर है। जरूरतमंद संक्रमितों को किसी तरह से प्रबंध कर ऑक्सीजन दी जा रही है। हालात कभी भी नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। - डॉ. ज्ञानेंद्र, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन
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