बदायूं। जिले में ऑक्सीजन का संकट कभी भी गहरा सकता है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना के गंभीर संक्रमितों की संख्या अब 52 हो गई है। इन सभी को लगातार ऑक्सीजन दी जा रही है। ऐसे में यहां ऑक्सीजन खर्च प्रतिदिन 250 सिलिंडर तक पहुंच गया है। बरेली के ऑक्सीजन सप्लायर ने मेडिकल कॉलेज को पत्र भेजकर इतनी तादाद में ऑक्सीजन सप्लाई करने में असमर्थता जताई है। ऐसे में स्थिति लगातार विस्फोटक हो रही है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और पीएचसी से ऑक्सीजन सिलिंडर मेडिकल कॉलेज पहुंचाना शुरू कर दिए हैं।
जिले के सरकारी अस्पतालों को मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई बरेली और मुरादाबाद की फर्म करती हैं। खतरनाक हो रही कोरोना की दूसरी लहर के बीच जिले में संक्रमितों की संख्या छह हजार तक पहुंच चुकी है। अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही संक्रमितों के इलाज की व्यवस्था है। मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमितों के लिए अब तक लगभग दो सौ बेड थे। इनको भी बढ़ाया गया है। यहां गंभीर संक्रमितों की संख्या अब 52 हो गई है। इनको लगातार ऑक्सीजन की जरूरत है। ऑक्सीजन की कमी के चलते जिलों का कोटा फिक्स करने से और भी समस्या हो रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मानें तो मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई निर्धारित कोटे के अनुसार ही मिल पा रही है। इस बीच संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण हालात बिगड़ने का खतरा पैदा हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन लगातार ऑक्सीजन सप्लायर के साथ ही सीएमओ के संपर्क में भी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो अगर मांग के अनुरूप ऑक्सीजन नहीं मिलती है तो बैकअप से ज्यादा काम नहीं चला सकेंगे। ऐसे में बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज में इस्तेमाल हो रहा ऑक्सीजन का बैकअप
मेडिकल कॉलेज को पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई न मिलने के कारण शुक्रवार को यहां बैकअप में रखे ऑक्सीजन के 216 सिलिंडरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। संक्रमितों की संख्या में लगाता इजाफा होने से ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार शाम तक सीएचसी और पीएचसी से 45 बड़े सिलिंडर मेडिकल कॉलेज भेजे जा चुके हैं। इनमें भी कुछ सिलिंडर के कनेक्टर खराब होने के कारण तकनीशियन को बुलाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से एक टीम को बरेली ऑक्सीजन सप्लायर के पास भी भेजा गया है। देर शाम तक यहां ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए अधिकारी माथापच्ची करते रहे।
जिला अस्पताल में भी बढ़ गई ऑक्सीजन की खपत
हालांकि, जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमिकों को भर्ती नहीं किया जा रहा। इसके बाद भी यहां ऑक्सीजन की खपत में इजाफा हो गया है। 234 बेड के जिला अस्पताल में 78 बड़े और 29 छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। अब तक यहां 24 घंटे में औसतन अधिकतम 15 सिलिंडर की खपत होती थी, लेकिन अब यहा खपत 25 सिलिंडर तक पहुंच गई है। हालांकि, सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम का कहना है कि उनके पास ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। जरूरतमंदों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है। कई बार मरीज के तीमारदार मरीज को ऑक्सीजन देने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में ऑक्सीजन की खपत बेवजह होती है।
सीएचसी-पीएचसी से मांगी गई ऑक्सीजन उपलब्धता की रिपोर्ट
बढ़ते कोरोना संक्रमितों के कारण पैदा हो रही ऑक्सीजन की किल्लत के बीच सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह ने जिले के सभी सीएचसी और पीएचसी से ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी है। शुक्रवार को ही जिले के सीएचसी और पीएचसी से भरे हुए 45 बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिए गए हैं। अब भी सीएचसी-पीएचसी पर बैकअप बाकी है। अगर जरूरत होती है तो ऑक्सीजन का यह बैकअप भी मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराया जाएगा।
निजी अस्पताल टाल रहे ऑपरेशन, गंभीर रोगी नहीं कर रहे भर्ती
ऑक्सीजन की किल्लत के कारण निजी अस्पतालों ने गंभीर रोगियों को भर्ती करना बंद कर दिया है। इसके साथ ही ऑपरेशन की तारीखें भी आगे बढ़ाई जाने लगी हैं। निजी अस्पतालों को एक सप्ताह से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं मिली है। किसी तरह बैकअप से काम चलाया जा रहा है। जिला स्तरीय ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूटर के पास दिन में कई-कई बार निजी अस्पतालों से मोबाइल कॉल आ रहे हैं। आईएमए सचिव डॉ. शरद कुमार गुप्ता का कहना है कि डीएम को जल्द आईएमए की मीटिंग बुलानी चाहिए। बिगड़ते हालातों को समय से संभालना जरूरी है।
बरेली की जिस फर्म से ऑक्सीजन की सप्लाई मिलती है उसने मांग के अनुरूप ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई है। इस समय मेडिकल कॉलेज में 52 कोरोना संक्रमित ऐसे हैं जिनको ऑक्सीजन पर रखा गया है। प्रतिदिन करीब 250 ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो रहे हैं। मांग के अनुरूप सप्लाई न मिलने के कारण अब बैकअप का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। सीएमओ के स्तर से भी 45 सिलिंडर मिल चुके हैं। ऑक्सीजन की कमी न हो उसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. ज्ञानेंद्र, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन, राजकीय मेडिकल कॉलेज