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चंदौसी में भांजे की कार से उठा ले गए सिलिंडर, यहां ऑक्सीजन के इंतजार में थम गईं बुजुर्ग की सांसें

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सैदपुर (बदायूं)। सैदपुर कस्बे में घर के मुखिया को बचाने की कोशिश में परिवार के लोग ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम कर रहे थे। उस ऑक्सीजन सिलिंडर को चंदौसी से कुछ लोग कार से उठा ले गए। उन्होंने सिलिंडर को काफी तलाश करने का प्रयास किया लेकिन सिलिंडर नहीं मिला और न ही दूसरे सिलिंडर का इंतजाम हो पाया। ऑक्सीजन के इंतजार में परिवार के मुखिया की मौत हो गई।
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वजीरगंज थाना क्षेत्र के कस्बा सैदपुर निवासी अब्दुल हमीद कुरैशी (60) पिछले चार दिन से बीमार थे। उन्हें बुखार आ रहा था। उनकी सांस फूल रही थी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार घट रहा था। परिवार वालों ने उनका कोरोना टेस्ट नहीं कराया था लेकिन परिवार वाले लगातार उनका उपचार करा रहे थे। बताते हैं कि दो दिन पहले परिवार वालों ने दिल्ली से एक ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम करा लिया था। इससे हमीद कुरैशी को ऑक्सीजन मिल रही थी। वह कुछ राहत भी महसूस कर रहे थे। बृहस्पतिवार शाम दिल्ली से लाया गया ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया। इस पर उनका भांजा अनीस कुरैशी उसे रिफिल कराने के लिए कार से चंदौसी गया था। बताते हैं कि चंदौसी में नखासा बाजार में कुछ समाजसेवी ऑक्सीजन सिलिंडर मुफ्त वितरण कर रहे थे। अनीस कुरैशी ने उन्हीं समाजसेवियों को अपना खाली सिलिंडर दिया और उनका ऑक्सीजन से भरा सिलिंडर ले लिया। अनीस को लगा कि अब ऑक्सीजन का इंतजाम हो गया है। इस खुशी में वह चंदौसी में एक होटल पर चाय पीने बैठ गए। इसी दौरान कुछ लोग उनकी कार से ऑक्सीजन सिलिंडर उठाकर ले गए। जब उन्हें इसके बारे में पता चला तो उनके पसीने छूट गए। काफी तलाश के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल सका। जब इसके बारे में परिवार वालों को जानकारी हुई, तो वह भी दुखी हो गए। रात करीब दस बजे अब्दुल हमीद कुरैशी की सांसें थम गईं। इस पर शुक्रवार दोपहर उनके शव को दफन किया गया। इस संबंध में परिवार वालों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
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