ओवरब्रिज का निर्माण हो जाने के बाद इसके साइड रोडों को लेकर बवाल मचा हुआ है। रोड चौड़ा करने में आ रही दिक्कतों को लेकर जहां एक पक्ष का सुझाव आ रहा है, वहीं पंजाबी क्वाटर्स के निवासियों ने अन्य लोगों हस्तक्षेप का विरोध करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा है। इस प्रकरण को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति है।
पंजाबी क्वाटर्स के वाशिंदों का कहना है कि असरार पंप और बीएसए ऑफिस के पास के भाग को छोड़ साइड रोडों का काम लगभग पूरा हो गया है। प्रशासन और सांसद की मंशा रही है कि जहां निकलने लायक रास्ता है, वहां किसी को नुकसान न पहुंचाया जाए। आरोप है कि सिविल लाइंस पंजाबी क्वाटर्स में कुछ दबंगों ने लगाए गए लाल निशानों से अधिक भाग तोडने के लिए वीम लगा दिए हैं और अन्य लोगों को भी उतना हिस्सा तोडने को कहा है। जो पंजाबी क्वाटर्स के निवासी नहीं हैं और प्रशासन को भी भ्रमित कर रहे हैं। इससे यहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि पंजाबी क्वाटर्स के कुछ परिवार आर्थिक तंगी से जूझने वाले हैं। 25-30 वर्ग मीटर के मकान में रह रहे हैं। 10 फुट रास्ता स्वेच्छा से छोड़ रहे हैं। इससे चार पहिया वाहन निकल सक ते हैं। रोड और चौड़ा की जाती है, तो उससे कुछ बड़े वाहनों का प्रवेश शुरू हो जाएगा। इससे दिक्कतें और दुर्घटनाएं बढ़ेंगी। दो फुट जगह वे मुआवजा लेकर और दे सकते हैं, लेकिन किसी भी सूरत में 12 फुट जगह से अधिक रोड को जगह नहीं छोड़ सकेंगे। ज्यादती की गई तो आमरण अनशन समेत आंदोलन को बाध्य होंगे। इसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा। इसके लिए उन्होंने 15 दिनों तक का समय मांगा है। ज्ञापन देने वालों में भूषण लाल, हरपाल सिंह, शांति देवी, राधेश्याम अरोरा, भोलानाथ वत्रा, अमित सिंह, राम प्रकाश जुनेजा, प्रवीण जुनेजा आदि शामिल रहे।