बदायूं। जिले में 24,18,408 मतदाताओं के सत्यापन का काम शुरू हो गया है। मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत प्रत्येक वोटर को एसआईआर फॉर्म भरकर अपने बीएलओ के पास जमा करना अनिवार्य है। यह कार्य चार दिसंबर तक पूरा किया जाना है।
अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. वैभव शर्मा ने बताया कि एसआईआर फॉर्म के कुछ कॉलम बेहद महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले जन्मतिथि सही-सही भरनी होती है, क्योंकि मतदाता पात्रता इससे तय होती है। इसके बाद में आधार संख्या, मोबाइल नंबर, पिता या अभिभावक का नाम और उनके ईपीआईसी संख्या अगर उपलब्ध हो। माता का नाम और उनके ईपीआईसी संख्या अगर उपलब्ध हो। शादीशुदा हैं तो पति या पत्नी का नाम लिखें। उनका ईपीआईसी संख्या अगर उपलब्ध हो तो लिखें।
वहीं इस बात का खास ध्यान देना है कि अगर शादीशुदा महिला अपना एसआईआर फॉर्म भर रहे हैं तो वह अपने ही माता-पिता के नाम और ईपीआईसी संख्या भरे। वहीं, एडीएम ने बताया कि फॉर्म के साथ कोई भी अभिलेख लगाने की आवश्यकता नहीं है। जिले में 2580 बीएलओ इस कार्य को घर-घर जाकर पूरा करने में जुटे हैं।
प्रशासन के अनुसार 99 प्रतिशत एसआईआर फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही इन फाॅर्म को जमा किया जा रहा है। अब तक 10 प्रतिशत के करीब फॉर्म जमा भी किए जा चुके हैं।
ईपीआईसी नंबर है वैकल्पिक
यानी अगर आपके पास ईपीआईसी नंबर उपलब्ध नहीं है तो भी कोई समस्या नहीं। कई लोग इस कॉलम को लेकर भ्रमित हैं, लेकिन इसे खाली छोड़ने का फॉर्म पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि 2003 की मतदाता सूची में आपका नाम नहीं था, लेकिन वर्तमान सूची में है, तो भी आप गणना प्रपत्र भरकर जमा कर सकते हैं। 2003 की सूची में आपके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी का नाम मौजूद होगा तो उससे मैपिंग की जाएगी ताकि आपकी पहचान में कोई भ्रम न रहे।
2003 के बाद वोटर बने लोग भी फॉर्म जरूर भरें
जो लोग 2003 के बाद वोटर बने हैं, उन्हें भी गणना प्रपत्र भरना अनिवार्य है। फॉर्म में कुछ जानकारी वैकल्पिक रूप से मांगी गई है। जैसे माता-पिता का मतदाता नंबर। यदि यह जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो इसे खाली छोड़ा जा सकता है। इससे आपका नाम सूची से नहीं कटेगा। हालांकि, एसआईआर फॉर्म जमा करने के बाद अंतिम सूची जारी होगी। यदि किसी ने आवश्यक प्रमाणपत्र नहीं दिया है, तो उसे नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें आयोग द्वारा मान्य 13 में से किसी एक प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करना होगा। यदि इसके बाद भी कोई समस्या आएगी, तो प्रशासन की टीम समाधान निकालेगी।
ऑनलाइन भी भर सकते हैं एसआईआर फॉर्म
जिन मतदाताओं का मोबाइल नंबर वोटर आईडी से लिंक है, वे एसआईआर फॉर्म ऑनलाइन भी भर सकते हैं। इलेक्शन कमीशन की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म उपलब्ध है। ईपीआईसी आईडी और मोबाइल नंबर डालकर आए हुए ओटीपी से लॉगिन करके आसानी से फॉर्म भरा जा सकता है।
यह जानना जरूरी है
- बीएलओ प्रत्येक सदस्य को दो फॉर्म देंगे।
- दोनों फॉर्म पर पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी।
- दोनों फॉर्म पर सदस्य के स्वयं के हस्ताक्षर होना जरूरी है।
-एक फॉर्म बीएलओ अपने पास रखेगा, दूसरा फॉर्म आपको देगा।
-आपके पास रहने वाले फॉर्म पर बीएलओ के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।
यह सावधानी जरूरी है
-मोबाइल नंबर स्पष्ट और साफ लिखें।
-जन्मतिथि सही भरें, क्योंकि गलत जानकारी से आवेदन प्रभावित हो सकता है।
-आधार नंबर वैकल्पिक है, इसे भरना अनिवार्य नहीं है।
-फॉर्म को सुरक्षित रखें, आगे भी जरूरत पड़ सकती है।
जिले में बीएलओ की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है। लोगों को बीएलओ का सहयोग करते हुए जल्द ही फॉर्म भरकर उनको उपलब्ध करा दें। अगर कहीं पर कुछ समझ में न आए, तो बीएलओ से संपर्क भी कर सकते हैं। - डॉ. वैभव शर्मा, एडीएम एफआर
बीएलओ भरवा रहे प्रपत्र
उसावां। विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता गणना प्रपत्रों का वितरण वार्ड दर वार्ड किया जा रहा है। शुक्रवार को बीएलओ प्रियंका ने वार्ड एक में मतदाताओं को प्रपत्र की प्रति देकर प्रपत्र भरवाए। बीएलओ पर्ची देते समय मतदाताओं को बता रहे हैं कि कैसे प्रपत्रों को भरकर जमा करना है। सभासद भी बूथों पर पहुंचकर मतदाताओं को जागरूक कर रहे हैं। संवाद
मतदाता गणना फॉर्म जल्द बीएलओ को सौंपे
बदायूं। उपजिलाधिकारी सदर मोहित कुमार सिंह ने आम जनता से कहा कि वह मतदाता गणना फॉर्म को जल्द से जल्द भरकर अपने बीएलओ के सुपुर्द करें। उन्होंने कहा कि समय पर फॉर्म जमा न होने की स्थिति में मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका बन सकती है।
एसडीएम ने बताया कि बीएलओ की ओर से फॉर्म को एप पर ऑनलाइन अपलोड किया जाना है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग आवश्यक है। जिले में बड़ी संख्या में मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल हैं। जिसमें सदर क्षेत्र में कुल 3,81,820 मतदाता रजिस्टर्ड हैं, जिनकी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए 395 बीएलओ तैनात किए गए हैं। वहीं शेखुपुर क्षेत्र में 4,09,193 मतदाता हैं, जहां 437 बीएलओ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची में सुधार और शुद्धिकरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई लोग समय पर फॉर्म जमा न करने या आवश्यक विवरण उपलब्ध न कराने के कारण वोट से वंचित हो सकते हैं। संवाद
एसआईआर फॉर्म भरने के लिए कलक्ट्रेट में मतदाता सूची में अपने नाम को तलाशते लोग। संवाद