बदायूं जिले के धर्मपुर टप्पा वैस गांव में 16 जून को हुए हमले में घायल योगेश की शनिवार को मौत हो गई। रविवार को परिजनों ने शव रखकर हंगामा किया, कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने धाराएं बढ़ाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए।
बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुर टप्पा वैस में 16 जून को हुए जानलेवा हमले में घायल युवक योगेश की शनिवार को मौत हो गई। इसके बाद रविवार को सुबह परिवार ने शव को गांव में रखकर हंगामा कर दिया। पुलिस के धारा बढ़ाने की बात पर परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार करने के लिए चले गए।
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परिजनों के हंगामे की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर परिजनों से बातचीत शुरू की। परिवार के लोग आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। योगेश के पिता ने कहा कि उनका बेटा तीन माह तक जूझता रहा। पुलिस ने आरोपियों को केवल जेल भेज दिया। उनकी मांग है कि आरोपियों को फांसी पर चढ़ाया जाए।
शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर भारी पुलिस बल गांव पहुंचा। सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि युवक की मौत के मामले में केस दर्ज है और दो आरोपियों को जेल भी भेजा गया। परिजनों को बता दिया गया कि इसमें धाराएं और बढ़ाई जा रही हैं। तब वह युवक का अंतिम संस्कार कराने के लिए मान गए।
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यह था मामला
16 जून को योगेश टेंट का काम करके घर लौट रहा था। रास्ते में घात लगाए बैठे हमलावरों ने लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गंभीर हालत में उसे दहगवां सीएचसी से जिला अस्पताल और फिर बरेली रेफर किया गया था, जहां लंबे उपचार के बाद उसकी मौत हो गई।