बदायूं। जिले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार यूपी 112 पीआरवी ही बिना सुविधाओं के दौड़ रही हैं। यहां पीआरवी के करीब 60 चार पहिया और 11 दोपहिया वाहन हैं, जोकि खाली फर्स्टएड बॉक्स लेकर ही दौड़ रहे हैं। करीब दो साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने दवाएं उपलब्ध कराई थीं, लेकिन उसके बाद से कभी इनका संज्ञान नहीं लिया। अब एसएसपी ने इसे लेकर सीएमओ को पत्र लिखा तो उन्होंने भंडार खाली होने का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए।
प्रदेश सरकार ने सुरक्षा को लेकर 2017 में पीआरवी यूपी 100 नाम से परियोजना शुरू की थी। अब इसका नाम बदलकर यूपी 112 कर दिया गया है। बदायूं जिले की यूपी 112 का टाइम रिस्पांस मंडल में सबसे बेहतर है। कई बार बड़े हादसों में यूपी 112 की भूमिका अहम भी हो जाती है। यही घायलों को अस्पताल भी लेकर जाती है। ऐसे में यूपी 112 में मौजूद फर्स्टएड बॉक्स में 18 प्रकार की दवाएं व अन्य जरूरी चीजें होने का भी नियम हैं। लेकिन पिछले करीब दो सालों से सभी पीआरवी खाली फर्स्टएड बॉक्स लेकर ही घूम रही हैं। इनके ही स्वास्थ्य विभाग ने दवाएं ही नहीं उपलब्ध कराई हैं। दवाएं उपलब्ध कराने संबंध में एसएसपी का पत्र मिलने के बाद सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने हाथ खड़े कर लिए हैं। उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं से जिले की यूपी 112 को दवाइयां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उसमें एसएसपी के पत्र का हवाला भी दिया गया है। ऐसे में यूपी 112 को जल्द दवाओं की आपूर्ति होती नहीं दिख रही।
एसएसपी ने यूपी 112 परियोजना को दवाएं उपलब्ध कराने को कहा है। फर्स्टएड बॉक्स में दवाएं नहीं हैं। जो हैं, वे इस्तेमाल योग्य नहीं हैं। इस संबंध में महानिदेशक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को पत्र लिखकर यूपी 112 परियोजना को 18 प्रकार की जरूरी दवाएं, कॉटन, टेप आदि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। - डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ