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एनआरएलएम घोटाला: पहले गई डीडीओ की पावर, अब कुर्सी भी छिनी

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बदायूं। राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन (एनआरएलएम) कार्यालय में हुए घोटालों में फंसे जिला विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले दिनों सीडीओ ने उनकी पावर सीज कर दी थी। उसके बाद डीएम ने उनके अतिरिक्त प्रभार छीन लिए। अब शासन ने उन्हें घोटाले में प्रथम दृष्टया उत्तरदायी मानते हुए बदायूं से हटाकर ग्राम विकास आयुक्त कार्यालय से अटैच कर दिया है। साथ ही संयुक्त विकास आयुक्त बरेली को घोटाले की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित किया है।
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दो जुलाई को सीडीओ निशा अनंत ने विकास भवन में स्थित एनआरएलएम कार्यालय पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आयी। एनआरएलएम के प्रभारी रहे डीडीओ अजय प्रताप सिंह की भी संलिप्तता सामने आई थी। लाखों रुपये की हेराफेरी करने का मामला निकला। जिला व ब्लॉक मिशन प्रबंधक की सहायता से डीडीओ ने लाखों रुपये की हेराफेरी कर ली। शासन की ओर से विकास खंड सालारपुर, आसफपुर व उसावां में समूह की महिलाओं को 11 लाख 10 हजार की कीमत के 74 टैबलेट वितरण किए जाने थे, इसमें भी घोटाला किया गया। महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिए जाने के लिए 150 रुपये के हिसाब से मिली धनराशि में से 40 फीसदी धनराशि कमीशन के रूप में इनके द्वारा ले ली गई। इतना ही नहीं ग्राम मॉडयूल प्रशिक्षण के लिए मिली धनराशि में भी इनके द्वारा अनियमितताएं बरती गईं, जिसकी रिपोर्ट सीडीओ से मिलने के बाद डीएम ने शासन को भेज दी और डीडीओ को निलंबित करने की संस्तुति कर दी। डीएम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने डीडीओ अजय प्रताप को डीडीओ पद से हटाते हुए लखनऊ मुख्यालय पर आयुक्त ग्राम विकास से संबद्ध कर दिया है, साथ ही इस प्रकरण की जांच संयुक्त विकास आयुक्त बरेली को सौंपी है। डीएम से भी डीडीओ के खिलाफ साक्ष्य सहित आरोप पत्र मांगा गया है।

गुरुवार को भी डीडीओ पर नहीं हो सकी एफआईआर
जिले में अधिकारियों की कमी होने के चलते डीएम दिनेश कुुमार सिंह ने कई अधिकारियों को इस विश्वास के साथ में दूसरे विभागों का काम सौंपा था कि वह मन लगाकर काम करेंगे, ताकि जिले में काम की गति को बढ़ावा मिल सके, लेकिन एनआरएलएम का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डीडीओ अजय प्रताप सिंह ने इसमें कई ऐसे काम कर डाले जो जनहित में सही नहीं थे। जांच के दोषी पाए जाने पर डीएम ने डीडीओ के खिलाफ एफआईआर के निर्देश सीडीओ को दिए, लेकिन गुरुवार को भी डीडीओ पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी।
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