बदायूं। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद जिले में संचालित 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी एक जुलाई से खुल गए और विद्यालय में छात्राएं भी पहुंच गई हैं, लेेकिन विद्यालयों में राशन अभी तक नहीं पहुंचा है। आवासीय होने की वजह से यहां पर छात्राओं को पढ़ाई के अलावा रहने, खाने की व्यवस्था भी विभाग की ओर से कराई जाती है।
विभाग की ओर से हर साल राशन सप्लाई का टेंडर निकलता है। ठेकेदार के माध्यम से सालभर राशन सप्लाई किया जाता है, लेकिन इस बार 10 दिन निकल जाने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
राशन नहीं पहुंचने के कारण अभी पिछले महीने के बचे हुए राशन से काम चलाया जा रहा है। लेकिन बचा हुआ राशन भी जल्द ही खत्म होने वाला है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही राशन का संकट खड़ा होने वाला है। यह मामला काफी दिनों से दबाया जा रहा था। वार्डन स्तर से ही इस मामले को देखा जा रहा है। संभव है कि भोजन को लेकर छात्राओं का रोष सामने आ जाए।
सीडीओ के स्तर से इसकी जांच की जा रही है, जांच पूरी होने के उपरांत ठेका दे दिया जाएगा। फिलहाल वार्डन स्तर से खाने पीने की व्यवस्था देखी जा रही है।
-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए