बदायूं। भाजपा सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य और उनके पिता पूर्व मंत्री व सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया गया है। लखनऊ निवासी दीपक कुमार स्वर्णकार की ओर से कोर्ट में सांसद के विरुद्ध सीआरपीसी धारा 156 (3) के तहत अर्जी दी गई थी। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तृतीय लखनऊ अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने यह आदेश दिया है।
मामले में कोर्ट ने थाना पुलिस से आख्या तलब की। अर्जी देने वाले दीपक स्वर्णकार के अधिवक्ता रोहित कुमार त्रिपाठी और हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार तिवारी की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को प्रकीर्ण वाद दर्ज कर परिवाद के रूप में चलाने का निर्णय लिया। दीपक स्वर्णकार को बयान देने के लिए आदेशित किया गया है।
दीपक कुमार स्वर्णकार के वकील का कहना है कि सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने उनके मुवक्किल को गुमराह करके शादी की और शादी उजागर न हो, इसके लिए दीपक पर जानलेवा हमला कराने समेत कोरोना ग्रस्त होने के बाद भी साजिशन अन्य मामले में फंसाया।
चुनाव आयोग को झूठी सूचना देने आदि के साथ डॉ. संघमित्रा मौर्य के पिता स्वामी प्रसाद मौर्य पर इन सभी मामलों में शामिल रहे। वकील ने बताया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, तृतीय लखनऊ अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने अधिवक्ताओं से बहस के बाद मामले में परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए।
सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य ने बताया कि इस संबंध में उनको कोई जानकारी नहीं है। अगर कुछ जानकारी में आता है तब ही वह कुछ कह सकती हैं।