बदायूं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष संजीव यादव और सदस्या अनिता की कोर्ट ने बिजली उपभोक्ता को बड़ी राहत देते हुए विद्युत निगम की ओर से जारी 52,613 रुपये का बिजली बिल निरस्त कर दिया। आयोग ने विद्युत निगम को निर्देश दिया है कि 31 जनवरी 2021 से वर्तमान समय तक का बिजली बिल 18.5 यूनिट के औसत उपभोग के आधार पर बिल तैयार कर उपभोक्ता को भेजा जाए।
मोहल्ला बाह्मपुर निवासी देवेंद्र कुमार गुप्ता ने शिकायत की थी कि वर्ष 2017 से दुकान बंद होने के बावजूद निगम ने अनियमित और अत्याधिक बिजली बिल जारी किया। वर्ष 2021 में संशोधित बिल जमा करने के बाद भी लंबे समय तक कोई बिल नहीं दिया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में अचानक 52,613 रुपये का बकाया दर्शाते हुए नया बिल जारी कर दिया।
उपभोक्ता ने इसे विद्युत निगम की मनमानी बताते हुए आयोग में परिवाद दायर किया था। सुनवाई के दौरान आयोग ने उपलब्ध अभिलेखों, बिजली बिलों, मीटर रीडिंग तथा दोनों पक्षों के साक्ष्यों का परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि विभाग की ओर से प्रस्तुत बिलों और मीटर रीडिंग में कई विसंगतियां है तथा लंबे अंतराल का एकमुश्त बिल जारी किया जाना उचित नहीं है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में जारी बिलों के आधार पर औसत मासिक खपत लगभग 18.5 यूनिट बनती है। आयोग ने विद्युत निगम को निर्देशित किया है कि संशोधित बिल जारी कर उपभोक्ता से नियमानुसार राशि प्राप्त करे। यदि उपभोक्ता इसके बाद विद्युत कनेक्शन चालू नहीं रखना चाहता है। तो विभाग नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर कार्रवाई करेगा।