बदायूं। ग्राम्य विकास विभाग में उर्दू अनुवादक सह प्रधान सहायकों को नियम विरुद्ध तृतीय वित्तीय स्तरोन्नयन (एसीपी) का लाभ देने का मामला सामने आने के बाद जिला विकास अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। 16 उर्दू अनुवादकों का तृतीय एसीपी लाभ देने का आदेश निरस्त कर दिया है। संशोधित आदेश जारी कर कर्मचारियों से तृतीय एसीपी लाभ के धन की रिकवरी की जाएगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
इन कर्मचारियों को निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद ही एसीपी का लाभ दिया जाना था, लेकिन इन कर्मचारियों को समयावधि पूरी किए बिना ही द्वितीय और तृतीय एसीपी का लाभ दे दिया गया। शासन के निर्देश पर इस मामले की समीक्षा की गई। 23 अप्रैल 2022 को आदेश से स्वीकृत तृतीय एसीपी लाभ नियमों के खिलाफ पाया गया।
इसके बाद डीडीओ मनोज कुमार सिंह ने लाभ देने का आदेश निरस्त कर दिया। इन 16 कर्मचारियों में से दो कर्मचारी यूसुफ जावेद, तंजीम जहां सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनकी पेंशन से वसूली होगी।
अन्य कार्यरत कर्मचारी मुजीब उद्दीन, शायक अली, मुजाहिद आफाक सिद्दीकी, एनडी खान, मसूदा रूखसाना, शहाब उद्दीन अहमद, उसमान अहमद, वसी अहमद खां, मो. अली उर्फ जायेद अख्तर, अब्दुल कुददूस, अजहर इकबाल, मोहम्मद सलीम, फुरकान गाजी और इब्ने मोहम्मद के वेतन से वसूली की जाएगी। डीडीओ ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से एसीपी के धन की रिकवरी की जाएगी।