बदायूं। पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, उनके बेटे पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और एक एसआई विनोद कुमार समेत 35 लोगों के खिलाफ कोर्ट ने इस्लामनगर थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश इस्लामनगर की मंजुल पत्नी शेर सिंह के वाद की सुनवाई के बाद दिया है।
इस्लामनगर के गांव सिठौली की रहने वाली मंजुल पत्नी शेर सिंह ने कोर्ट में 29 जून 2025 को वाद दायर किया था। बताया कि पिता-पुत्र पूर्व विधायकों व इस्लामनगर के थाने के एक एसआई के संरक्षण में गांव के 32 लोगों ने उसके नलकूप के स्टार्टर, 50 किलो प्लास्टिक का पाइप, 10 किलो उड़द, खेत में लगी तारकशी, फावड़े, डि्रल मशीन आदि मारपीट कर लूट ले गए थे। पुलिस ने राजनैतिक दबाव में कार्रवाई नहीं की। एसएसपी से शिकायत की तो मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट का सहारा लिया।
कोर्ट ने थाने से इस मामले की आख्या मांगी। आख्या मिलने के बाद में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पेंद्र चौधरी ने इस्लामनगर थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। कहा कि परिवादी बयान दर्ज कराने को तीन नवंबर को कोर्ट में पेश हो। आदेश होने के बाद क्षेत्र में हलचल है। इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी आदेश नहीं मिल सका है। आदेश मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जेल में हैं पूर्व विधायक योगेंद्र सागर
पूर्व विधायक योगेंद्र सागर एक युवती के अपहरण के मामले में जेल में बंद है। उनके बेटे कुशाग्र भी बिसौली से भाजपा के विधायक रह चुके हैं। पूर्व विधायक योगेंद्र सागर बसपा सरकार में प्रदेश के राज्यमंत्री भी रहे हैं।