मंडी समिति में स्थित धान क्रय केंद्र
बदायूं। जिले में खुले सरकारी धान खरीद केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 45 फीसदी ही खरीद हो पाई है। शासन ने एक फरवरी को सभी सरकारी केंद्र बंद करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य देने के लिए धान का समर्थन मूल्य शुरू में ही घोषित कर दिया था। इसके बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले में 45 सरकारी क्रय केंद्र खोलकर एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू की। शासन ने जिले को 58000 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया, लेकिन विभाग लक्ष्य पूरा नहीं कर सका। शासन के निर्देश पर 31 जनवरी तक ही धान की खरीद की जानी है।
बताते हैं कि इस बार बाजार रेट समर्थन मूल्य से अधिक रहा। समर्थन मूल्य 2183 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि बाजार में किसानों को 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल तक का रेट मिला। ऐसे में किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेचा। इसकी वजह से लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
समय से पहले बंद हो गए केंद्र
- ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो सरकारी क्रय केंद्र समय से पहले ही बंद हो गए। दरअसल, केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान ही नहीं आ रहे थे, इसके चलते क्रय केंद्र प्रभारियों ने भी आना बंद कर दिया। ऐसे में देहात क्षेत्र में क्रय केंद्र समय से पहले ही बंद हो गए। हालांकि विभाग के अनुसार सभी केंद्र आज भी संचालित हैं, जो एक फरवरी को बंद किए जाएंगे।
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-शासन ने 31 जनवरी तक ही धान की खरीद का समय नियत किया है। क्रय केंद्रों को एक फरवरी को बंद कर दिया जाएगा। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 45 प्रतिशत ही धान की खरीद हो सकी है। - अतुल कुमार वरिष्ठ, डिप्टी आरएमओ