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Budaun News: 132 समितियों पर महज 242 एमटी डीएपी... दो हजार एमटी खाद की जरूरत

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म्याऊ के सहकारी समिति पर डीएपी लेने के लिए खड़े किसान। संवाद - फोटो : nation school games
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बदायूं। डीएपी को लेकर पूरे जिले में किसान परेशान हैं। समितियों पर खाद न होने से ताले लटके हुए हैं। जिले में किसानों को करीब दो हजार एमटी खाद की जरूरत है, जबकि 132 समितियों पर महज 242 एमटी ही खाद है। इस कारण किसान बोआई तक नहीं कर पा रहे हैं।
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जिले में 132 सहकारी समितियां हैं। इनके माध्यम से किसानों को डीएपी, एनपीके आदि का वितरण किया जाता है। अधिकांश समितियों पर बुधवार को डीएपी मौजूद नहीं थी। बीते वर्ष नवंबर में 8,500 एमटी डीएपी बंटी थी। विभाग के पास इस साल छह हजार एमटी डीएपी नवंबर में मौजूद थी। 2500 एमटी और आनी थी। लेकिन, बुधवार को करीब 650 एमटी डीएपी ही पहुंच पाई। ऐसे में करीब दो हजार एमटी खाद की जरूरत है।
कोऑपरेटिव द्वारा बताया जा रहा है कि समितियों पर अभी 242 एमटी डीएपी मौजूद है। यही कारण है कि समितियों पर किसानों की भीड़ जुट रही है। अधिकांश समितियां खाली पड़ी हैं। कुछेक पर थोड़ी बहुत खाद के कट्टे हैं तो वहां इतनी मारामारी हो जा रही है कि खाद वितरण मुश्किल हो रहा है।
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बिसौली व बुटला में डीएपी वितरण को लेकर हंगामा, नहीं बंटी खाद
बुटला सहकारी समिति पर एक साथ भीड़ अधिक होने की वजह से बुधवार को डीएपी का वितरण नहीं हो पाया। ऐसे में मायूस होकर किसान वापस लौट गए। म्याऊं सचिव राघवेंद्र गिरी ने बताया स्टॉक खत्म हो गया। डिमांड भेजी गई है। बिसौली क्षेत्र के मुसिया नगला में भी डीएपी लेने के लिए दिनभर किसान लाइन में लगे रहे। लेकिन, खाद नहीं मिल सकी।
सचिव नेकपाल का कहना है कि वह थोड़ा देरी से सोसायटी पर पहुंचे थे, डीएपी बांटने की तैयारी शुरू की, तब किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। ऐसे में डीएपी बांटना मुश्किल हो गया। मजबूरी में समिति को बंद करना पड़ा। अब पुलिस की मौजूदगी में वितरण किया जाएगा। ताकि सभी को आसानी से डीएपी मिले सके।

प्राइवेट दुकानदारों ने भी हाथ किए खड़े, चोरी छिपे बेच रहे महंगे दामों पर
कृषि विभाग की ओर से 203 निजी दुकानों पर डीएपी होना दर्शाया गया था। इसके आधार पर राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों की तैनात की गई। साथ ही मजिस्ट्रेट लगाए गए। लेकिन इनमें से अधिकांश दुकानों पर मंगलवार को डीएपी मौजूद नहीं थी। ऐसे में किसानों को प्राइवेट दुकानों से भी बिना डीएपी लिए वापस लौटना पड़ा। वहीं जिन पर खाद थी उन्होंने चोरी-छिपे किसान की जरूरत के अनुसार महंगे दामों पर डीएपी के कट्टों की बिक्री की।

जिले की 28 समितियों पर आज पहुंचेगी डीएपी
-सरकार की ओर से एनएफएल कंपनी की डीएपी प्राइवेट दुकानदारों के साथ ही सहकारी समितियों को देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत 343 एमटी डीएपी सहकारी समितियों को मिली है। शुक्रवार को डीएपी समितियों पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही 204 प्राइवेट दुकानों पर डीएपी मुहैया कराई गई। वहां पर भी सरकारी रेट पर बृहस्पतिवार से ही डीएपी मिलेगी।

इन समितियों पर मिलेगी डीएपी
-दातागंज, बिहारीपुर अजब, बेलाडांडी, उरैना, गढिया हरदोपट्टी, चितौरा, अलापुर, उझानी, बुटला, बिनावर, सिकरोडी, कादरचौक, बाराचिर्रा, मितरौली, नगला बाराह, करियामई, नौगवां नाचनी, बिल्सी, सिमर्राभोजपुर, अमनपुर, जहागीराबाद, दहगवां, रसूलपुर कला, बेहटा कोड़ा, बगरैन, बनकोटा, कोल्हाई, कटैया अलीगंज शामिल हैं।

डीएपी की जरूरत थी, इसको लेकर सहकारी समिति पर आए। लाइन में लगे पर्ची जमा की। लेकिन समिति से अपने-अपने जानने वालों को डीएपी बांट दी गई। बाद में हमको मना कर दिया।
-पवनेश, ककराला

सचिव अपने परिचितों को डीएपी बांट रहे हैं। जब हम लोगों का नंबर आया, तो कहने लगे मशीन में दिक्कत आ रही है। उसके बाद में डीएपी का वितरण नहीं किया। बिना डीएपी लिए वापस लौटना पड़ा।

वीरपाल, उसैता



- रोजाना खाद का वितरण किया जा रहा है। सहकारी समितियों से लेकर प्राइवेट दुकानदारों के पास में खाद मौजूद है। अब एक रैक आ गई है। बृहस्पतिवार से प्राइवेट दुकानों के साथ-साथ सहकारी समिति पर भी डीएपी का वितरण शुरू किया जाएगा।
दुर्गेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी

म्याऊ के सहकारी समिति पर डीएपी लेने के लिए खड़े किसान। संवाद- फोटो : nation school games

म्याऊ के सहकारी समिति पर डीएपी लेने के लिए खड़े किसान। संवाद- फोटो : nation school games

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