बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में अब पाठ्यपुस्तकों और वर्कबुक के वितरण की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। अब भौतिक रिपोर्ट के साथ-साथ ऑनलाइन सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।
नई व्यवस्था के तहत किताबें कब बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) पर पहुंचीं। विद्यालयों में कब वितरित हुईं और विद्यार्थियों को वास्तविक रूप से कब मिलीं। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया गया है। इसमें विद्यालय स्तर से डेटा अपलोड किया जाएगा। इससे यह पता किया जा सकेगा कि किसी भी विद्यालय में किताबें लंबित न रहें और सभी बच्चों को समय पर सामग्री उपलब्ध हो। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पहले कई बार शिकायतें मिलती थीं कि किताबें बीआरसी में पड़ी रह जाती हैं या वितरण में देर होती है। अब इस डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जवाबदेही भी तय होगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों से समय पर डाटा फीडिंग कराएं।