आसफपुर। जिले में बुखार से एक और मौत हो गई। आसफपुर क्षेत्र के गांव मन्नूनगर में बुखार से पीड़ित एक बालक ने शुक्रवार सुबह दम तोड़ दिया। उसका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा था। गांव में कई कई लोग बुखार से तप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है।
गांव मन्नूनगर निवासी मनीष कुमार के 10 वर्षीय पुत्र आशीष को पांच दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने पहले बालक का उपचार गांव के ही एक झोलाछाप से कराया। हालत में सुधार न होने पर पास के ही आसफपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। जहां से लगातार बालक का उपचार चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी हालत बिगड़नी शुरू हो गई। जब तक परिजन उसे कहीं दूसरे अस्पताल में लेकर जाते तब तक उसकी मौत हो गई।
बताया जाता है कि गांव में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। यहां पर एक डॉक्टर की भी तैनाती है, लेकिन डॉक्टर पहुंचते नहीं हैं। ग्राम प्रधान पुत्र मोहित यादव ने बताया कि गांव में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। लापरवाही करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. पवन जायसी ने बताया कि नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जिन डॉक्टरों की तैनाती है उन्हें तीन दिन अवश्य पहुंचना चाहिए। अगर वह नहीं पहुंच रहे हैं तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। वहीं गांव में कैंप लगाकर उपचार किया जाएगा।
जिले में फिर मिले 42 मलेरिया संक्रमित
- बुखार से मौत का सिलसिला जारी, स्वास्थ्य विभाग रोक लगाने में नाकाम
- जिले में 20 स्थानों पर लगाए गए शिविर, 1864 घरों में पहुंचकर की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले के 20 स्थानों पर शुक्रवार को लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 42 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए, जबकि डेंगू भी धीरे-धीरे फैलना शुरू हो गया है। अब तक 9 डेंगू पॉजीटिव मिले हैं।
शुक्रवार को जिले में 20 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। टीमों के द्वारा 1864 घरों में पहुंचकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस दौरान 42 मलेरिया संक्रमित पाए गए। सभी को दवाई दी गई।
वहीं इस समय बुखार भी तेजी से फैल रहा है। ऐसा शायद ही कोई गांव हो जहां पर बुखार से लोग तप नहीं रहे हों। मौतों का सिलसिला तेज हो गया है। शुक्रवार को एक मौत हुई तो बृहस्पतिवार को दो लोगों की मौत हुई थी। अब तक बुखार से 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई की हालत गंभीर है।
एक दूसरे पर आरोप, सभी की व्यवस्था धड़ाम
जिले में फैल रहे मलेरिया को रोकने के बजाए विभाग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग मलेरिया फैलने के पीछे गांवों में फैली गंदगी को कारण बता रहा है। हाल ही में सीएमओ ने खुनक गांव का दौरा कर कहा था कि गांव में फैली गंदगी से मलेरिया हो रहा है, जबकि दूसरे विभाग अपनी व्यवस्था बेहतर होने का दावा कर रहे हैं।