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पेट्रोल पंप के नाम पर प्रोजेक्ट मैनेजर की पत्नी से एक करोड़ की ठगी

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बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र में एक कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर की पत्नी से पेट्रोल पंप लेने के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी हुई है। उन्होंने पेट्रोल पंप बेचने और खरीदने वाले समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। थाना पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू कर दी है।
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इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव राजथल निवासी राकेश कुमार मनीकरन पावर लिमिटेड कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर है। उनकी पत्नी संगीता गृहणी हैं। राकेश कुमार के मुताबिक वह नौकरी के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। वर्ष 2019 में उनका सहसवान के दीपक कृष्ण चांडक से उसका मुजरिया चौराहे के नजदीक स्थित पेट्रोल पंप खरीदने को 85 लाख रुपये में सौदा हुआ था। उन्होंने पेट्रोल पंप की जगह का बैनामा कराने के दौरान 45 लाख रुपये दे दिए। जब पेट्रोल पंप ट्रांसफर कराने की बारी आई तो पूरा भुगतान करा लिया गया लेकिन दीपक कृष्ण चांडक ने मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव मटकुली निवासी योगेंद्र सिंह को पंप में हिस्सेदार बना लिया। तब तय हुआ कि योगेंद्र और संगीता की 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी रहेगी। इससे संगीता ने आधी जमीन का बैनामा योगेंद्र के नाम कर दिया जबकि आधी जमीन संगीता के नाम ही थी।
इसी दौरान संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स ऑफिसर दीपक चाहर ने योगेंद्र के पिता रमेश को भी पंप में हिस्सेदार बना दिया। इस पर तय हुआ कि योगेंद्र और उसके पिता संगीता के लिए 60 लाख रुपये देंगे। उन्होंने वो रुपये भी नहीं दिए। फाइल ट्रांसफर कराने के नाम पर दस लाख रुपये और ले लिए गए। उन्होंने न तो संगीता के नाम पेट्रोल पंप का रजिस्ट्रेशन कराया और न ही उनके रुपये दिए। बाद में पूरा पेट्रोल पंप योगेंद्र पक्ष ने अपने नाम करा लिया जबकि आधी जमीन का बैनामा संगीता के नाम है। आरोपियों ने उनका 14 लाख का मोबिल ऑयल और 21 लाख रुपये का पेट्रोल डीजल तक बेच दिया। इस संबंध में संगीता ने तहरीर देकर दीपक कृष्ण चांड़क, योगेंद्र, उसके पिता रमेश और सेल्स ऑफिसर दीपक चाहर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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