दातागंज के मोहल्ला परा निवासी वीरपाल (45) पुत्र गिरधारी को दो दिन पहले बुखार आ गया था। मोहल्ले के ही एक झोलाछाप से वह इलाज करा रहा था। सोमवार को वीरपाल की हालत बिगड़ गई। परिवार वाले फिर से उसे झोलाछाप के यहां लेकर गए। आरोप है कि उसने वीरपाल को इंजेक्शन लगाने के बाद उसको बोतल लगा दी। कुछ ही देर में वीरपाल की मौत हो गई। परिवार वालों ने हंगामा किया, तो वह दुकान छोड़कर भाग गया। वीरपाल की पत्नी की ओर से कोतवाली में झोलाछाप के खिलाफ तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर जेके तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ होने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
31 मौतों में कई झोलाछाप के चक्कर में
देहात क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थित खराब होने की वजह से झोलाछापों का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। दातागंज तहसील क्षेत्र के कई गांव संक्रामक बुखार की गिरफ्त में हैं। इस दौरान झोलाछाप की चांदी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग खुद इस बात को स्वीकार कर रहा है कि बुखार ने जिन 31 लोगों की अब तक मौत हुई है। उनमें ज्यादातर लोग अप्रशिक्षित चिकित्सकों से इलाज करा रहे थे। लेकिन विभाग की ओर से इन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।
यह बात सही है कि कुछ इलाकों में झोलाछाप सक्रिय हैं। टीमें बनाकर इनकी धरपकड़ की जाएगी। बिना डिग्री के प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। -डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
पीजीआई भेजी गईं 11 स्लाइड
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग की 19 टीमों ने सोमवार को भी जगत ब्लाक के गांवों में कैंप किया। इस दौरार बुखार के 11 मरीजों की स्लाइड बनाकर इनको जांच के लिए पीजीआई लखनऊ भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग जानना चाहता है कि आखिर सिलसिलेवार मौतों की क्या वजह है। कैंप के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सोमवार को भी 1000 से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको दवाएं बांटीं।