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Budaun News: फर्जीवाड़ा उजागर होने पर जागे अफसर... 14 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के आवेदन निरस्त

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बदायूं। अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने खुद को बचाना शुरू कर दिया है। इसके तहत रजिस्ट्रेशन को आए 14 आवेदन निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा अब जिन सेंटरों के नवीनीकरण होंगे वह सीएमओ की ही निगरानी में होंगे। नवीनीकरण के दौरान संबंधित डॉक्टर को कमेटी के समक्ष पेश होना पड़ेगा।
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स्वास्थ्य विभाग में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। नियमों को दरकिनार कर सेंटरों के रजिस्ट्रेशन कर दिए गए थे। औरैया की डॉक्टर के नाम से दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन हुए तो इसकी भनक लगने पर संबंधित डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया। मामला तूल पकड़ता देख सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने आनन-फानन में दोनों रजिस्ट्रेशन निलंबित करा दिए।
मामले की जांच अल्ट्रासाउंड सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश सिंह को सौंप दी गई। नोडल अधिकारी ने जांच शुरू करते हुए नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों को खोलने के लिए आए आवेदनों में 14 को खामी मिलने पर निरस्त कर दिया। इससे अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने की तैयारी करने वालों के होश उड़ गए। इसके साथ ही अब नवीनीकरण के लिए आए आवेदनों को सीएमओ के सामने पेश किया जाएगा, ताकि उसमें जो भी कमी हो उसको पूरा किया जा सके।
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इन क्षेत्रों के आवेदन हुए निरस्त
- बिसौली से आए दो आवेदन
- बिल्सी से तीन आवेदन
- उसहैत से एक आवेदन
- म्याऊं से एक आवेदन
- शहर के मोहल्ला कबूलपुरा में एक, खेड़ा नवादा से एक, श्यामनगर से एक आवेदन
- उझानी से दो आवेदन
- बिनावर, कुंवरगांव से दो आवेदन

दातागंज में सील होने के बाद भी चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई नहीं
- स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन में उजागर हुए फर्जीवाड़े के बाद भले ही कार्रवाई शुरू की गई हो लेकिन दातागंज के दिल्ली अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करने के बाद भी संचालक पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। हैरत की बात तो यह है कि सियासी दबाव में सील किए गए सेंटर को संचालित करने की मौखिक अनुमति भी जिम्मेदारों ने दे दी और वहां पहले की तरह ही अब अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। सील होने के बाद चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर की चर्चा स्वास्थ्य विभाग में जोरों पर है, इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वर्जन
- अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। सभी आवेदनों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के दौरान कुछ कमियां मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए हैं। नवीनीकरण के दौरान भी यह देखा जा रहा है कि पूर्व में जो रजिस्ट्रेशन किया गया उसमें कागजी कार्रवाई पूरी की गई थी या नहीं, सीएमओ की निगरानी में ही नवीनीकरण किए जाएंगे। - डॉ. अखिलेश सिंह, नोडल अधिकारी अल्ट्रासाउंड सेंटर
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