अमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर।संवाद
बदायूं। सैदपुर के सरकारी स्कूल में हादसे का खतरा होने की वजह जर्जर खपरैल है। यह खबर प्रकाशित होते ही शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया। जर्जर खपरैल को गिराने के निर्देश स्कूल की प्रधानाचार्य को दिए। उन्होंने मजदूरों की मदद से जर्जर खपरैल हटवा दी है।
जूनियर हाईस्कूल सैदपुर की इमारत 123 साल पुरानी है, जिसके आगे पड़ी खपरैल टूटकर गिर रही थी। इसी वजह से इसको जर्जर घोषित किया गया था। जान जोखिम में डालकर बच्चे इसी के नीचे बैठाए जा रहे थे। बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ था। इस खबर को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने जर्जर खपरैल को तत्काल गिराकर उसकी जगह लिंटर डालने और विद्यालय की रंगाई -पुताई करने के निर्देश प्रधानाचार्य को दिए। दोपहर बाद मजदूर लगाकर जर्जर खपरैल को गिरा दिया गया। अब इस पर लिंटर पड़ सकेगा, जिससे हादसा होने का डर खत्म हो जाएगा।
जर्जर घोषित स्कूल में बच्चे पढ़ने का मामला अखबार के माध्यम से सामने आया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात कर तत्काल खपरैल हटाकर लिंटर डालने के निर्देश दिए गए हैं। जर्जर खपरैल काे गिरा दिया गया है। जल्द ही विद्यालय की मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा। - कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली
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