जेल में रहकर अपराध करने वाले पेशेवरों की निगरानी होगी। जेलों में अपराधियों का डाटा ऑन लाइन किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए सूबे में ई-प्रिजन व्यवस्था लागू की है। बदायूं में भी इस पर काम शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में योजना के लिए 4.30 करोड़ रुपया को स्वीकृति दी गई है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी अपराधी का डाटा सूबे की किसी भी जेल में देखा जा सकता है। इस नई व्यवस्था के तहत अपराधियों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
प्रदेश की जेलों से पेशेवर अपराधियों के गिरोह चलाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। बदायूं की जिला जेल पर भी इस बदनामी का कलंक लग चुका है। इसके अलावा कई अपराधिक घटनाएं अंतर्जनपदीय और अंतरराज्यीय स्तर की होती हैं। ऐसे अपराधों में शामिल बदमाशों को तलाश करना मुश्किल होता है। ऐसी अपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए केंद्रीय अपराध ब्यूरो के ई-प्रिजन सिस्टम को अन्य प्रदेशों की तरह यूपी में भी लागू किया जाना तय किया था।
केंद्रीय अपराध ब्यूरो की है पहल
केंद्रीय अपराध ब्यूरो की पहल पर सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। ई-प्रिजन व्यवस्था के तहत अपराधी जब भी जेल जाएगा तो उसका पूरा डाटा प्रवेश के समय ही अपलोड कर दिया जाएगा। इसके अलावा अपराधी जब जेल से पेशी पर जाएगा तो कोर्ट में उसकी गतिविधि भी ऑनलाइन रहेगी।
ई-प्रिजन व्यवस्था के संबंध में जानकारी मिली है। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत जेल आने वाले सभी अपराधियों का डाटा ऑन लाइन किया जाएगा। -अरविंद पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक