शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर बसे जगत ब्लॉक के गांव बीबीपुर को ओडीएफ करने को शौचालय निर्माण में सरकार के 35 लाख 75 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। यहां 350 परिवार रहते हैं, जिनमें कुल आबादी करीब 2800 है पर आज भी लोग खेतों में ही शौच के लिए जाते हैं।बीबीपुर गांव को मार्च 2017 में ओडीएफ घोषित किया गया था। ओडीएफ घोषित करने के लिए तत्कालीन सीडीओ अच्छे लाल सिंह यादव खुद गांव पहुंचे थे। गांव में हुए एक समारोह में प्रधान बृजेश यादव समेत कई लोगों को सम्मानित भी किया गया था। यही नहीं वर्ष 2014-2015 में बीबीपुर समग्र लोहिया गांव रह चुका है। इस सबके बावजूद बीबीपुर के लोग अब भी परेशान हैं।सरकारी रिकार्ड के अनुसार बीबीपुर में कुल 305 शौचालय हैं। इनमें 298 सरकारी मदद से बनाए गए। बाकी सात शौचालय लोगों ने खुद बनवाए। इनमें से करीब 10-12 शौचालय टूट गए और करीब 20 से 25 शौचालयों का गड्ढा भर चुका है और 60 से अधिक शौचालय पर छत नही है। जबकि हकीकत यह है कि गांव के कई परिवारों में शौचालय बने ही नहीं हैं। घटिया सामग्री प्रयोग किए जाने से कइयों के शौचालय क्षतिग्रस्त हैं। आधे से ज्यादा शौचालयों की छत नहीं है। कइयों के शौचालयों का सीवर टैंक फुल हो चुका है।