तंबाकू निषेध दिवस पर लोगों से की नशा छोड़ने की मांग
विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर गायत्री परिवार शांतिकुंज की ओर से जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं और बच्चों ने 'बीड़ी पीकर खांस रहा है, मौत के आगे नाच रहा है’ ‘मुंह का मजा मौत की सजा’ नशे का शौक कुत्ते की मौत’ के जयघोष
व्यसन मुक्ति रैली निकाली गई, जिसमें युवा, बुजुर्गों को बीड़ी, पान, तंबाकू, नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया।
गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी बी ज्ञानेंद्र ने कहा कि युवा दुर्व्यसनों में फंसकर अपने स्वास्थ्य को न बिगाड़े। नशीले पदार्थों से टीबी, कैंसर अस्थमा जैसी बीमारियां चारों ओर से घेर रही हैं। रघुनाथ सिंह ने कहा कि तंबाकू में मिलने वाले निकोटिन, कोलतार, आर्सेनिक, कार्बन और मोनोक्साइड मानव स्वास्थ्य के लिए विष हैं। निर्मल गंगा अभियान के जिला संयोजक सुखपाल शर्मा ने कहा कि व्यसनों का विषैला प्रभाव मनुष्य के रक्त को दूषित कर रहा है। बीमारियों शरीर को खोखला कर रही है। इस मौके पर प्रधानाचार्य राजेश्वर पाठक, योगाचार्य रामचंद्र प्रजापति, शिवदेवी पाठक, ओमप्रकाश, जितेंद्र कुमार, भूदेव, शिकारी सिंह, विकास शर्मा, अनुज मिश्रा, ब्रह्मानंद, सोनू यादव, शिवांगी पाठक, निमिता, पारूल, गायत्री, सुमन सिंह, रिंकू, सुनील कुमार, संजीव कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।