बदायूं। मानसून सक्रिय होने के साथ हाईरिस्क बदायूं में फिर मलेरिया के रोगी मिलने लगे हैं। मलेरिया विभाग लार्वा और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव भी करा रहा है लेकिन दूसरे विभाग और संस्थाएं मच्छरों की नर्सरी पालने का काम कर रहे हैं। रोडवेज परिसर में इन दिनों मच्छर पल रहे हैं। रविवार को मलेरिया विभाग की टीम ने रोडवेज बस स्टैंड पर पांच स्थानों पर मच्छरों का लार्वा नष्ट करने का काम किया।
शनिवार दोपहर बाद करीब आधा घंटे तक बारिश हुई थी। रोडवेज बस स्टैंड के गेट पर बिना बारिश ही जलभराव बना रहता है। शनिवार को हुई बारिश के बाद यहां ज्यादा पानी भर गया है। शनिवार को मलेरिया विभाग की ओर से रोडवेज बस स्टैंड और आसपास लार्वानाशक टेमोफॉस का छिड़काव कराया गया था। रविवार को फिर से मलेरिया विभाग की टीम ने इलाके में डीडीटी और टेमोफॉस का छिड़काव कराया। इस दौरान रोडवेज परिसर में भरे पानी में जांच की गई तो यहां पांच स्थानों पर मच्छरों का लार्वा मिला। बस स्टैंड पर जलभराव के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना तो करना पड़ रहा है, इसके अलावा यहां गंदगी और जलभराव के कारण संक्रमण और मच्छरजनित रोगों का खतरा भी बना हुआ है।
मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से बदायूं हाईरिस्क श्रेणी में शामिल है। शासन स्तर से कई विभागों को यहां मच्छरजनित बीमारियों पर काबू के लिए लगाया गया है इसके बाद भी यहां सरकारी कार्यालयों में ही मच्छरों की नर्सरी पनप रही है। पिछले वर्ष बदायूं में रिकार्ड डेंगू के 471 मामले सामने आए थे। पूरे बरेली मंडल में यह सर्वाधिक हैं। इससे पहले 2019 में बदायूं में मलेरिया के 20 हजार से ज्यादा रोगी मिले थे।
पंचायतीराज विभाग का नहीं मिल रहा सहयोग
- मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए शासन स्तर से पंचायतीराज विभाग को भी जिम्मेदारी दी गई है। गांवों में जलभराव न हो इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के स्तर से भी गांवों में डीडीटी और टेमोफॉस के घोल का छिड़काव होता रहे यह जिम्मेदारी भी पंचायतीराज विभाग की है। जिले में 1037 ग्राम पंचायतों में 165 ग्राम पंचायतें मच्छरजनित बीमारियों के लिहाज से संवेदनशील हैं। इन ग्राम पंचायतों में भी लापरवाही देखने को मिल रही है। बताते हैं कि ज्यादातर ग्राम पंचायतों के सफाई कर्मचारी अधिकारियों के कार्यालय और आवासों पर तैनात हैं।
बदायूं को 3.70 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य
- शासन स्तर से इस बार बदायूं को मलेरिया के सीजन में 3.70 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य दिया गया है। मलेरिया विभाग के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी लगातार जांच कर रही हैं। जांचों में आशा वर्कर्स का सहयोग लिया जा रहा है। मलेरिया का सीजन शुरू हो चुका है। साथ ही मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग की ओर से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी चलाया जा रहा है।
बदायूं में मलेरिया के मामले एक नजर में
वर्ष जांच मलेरिया डेंगू
2019 157248 20339 42
2020 252745 11987 07
2021 157294 1665 472
2022 21115 48 0
बदायूं रोडवेज परिसर में कई स्थानों पर जलभराव है। मलेरिया विभाग की टीमें लगातार यहां लार्वा और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। शनिवार और रविवार को यहां जांच के दौरान पांच स्थानों पर लार्वा मिला है। दवाओं का छिड़काव किया गया है। संबंधितों को इस संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है। - योगेश सारस्वत, जिला मलेरिया अधिकारी