उझानी (बदायूं)। आर्थिक गणना में जुटे प्राइवेट संस्था के कर्मियों को मंगलवार को समुदाय विशेष के लोगों के विरोध का सामना करना पड़ गया। समुदाय विशेष के लोगों से टीम के सदस्यों ने आर्थिक जनगणना की जानकारियां बताने को कहा तो उन्हें लगा कि एनपीआर के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके बाद कर्मचारियों और लोगों के बीच नोकझोंक हो गई। लोगों ने टीम को किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार कर दिया।
जिले में आर्थिक गणना का कार्य चल रहा है। इसके लिए प्राइवेट संस्था कॉमन सर्विस सेंटर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंगलवार दोपहर में नरेंद्र कुमार की अगुवाई में सात सदस्यीय टीम बहादुरगंज मोहल्ले में पहुंची तो समुदाय विशेष के एक व्यक्ति के घर पर कई लोग इकट्ठे हो गए। लोगों को लगा कि एनपीआर के तहत ही जानकारियां जुटाई जा रही हैं, तो संशय में फंसे लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। टीम के सदस्यों ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया लेकिन सभी ने उन्हें अनसुना कर दिया। करीब आधा घंटा तक लोगों और आर्थिक गणना कर्मियों में नोकझोंक होती रही। टीम के सदस्यों ने संस्था के सुपरवाइजर राहुल यादव को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया।
सुपरवाइजर राहुल ने समुदाय विशेष के तीन-चार व्यक्तियों से फोन पर बात कर स्पष्ट कर दिया कि आर्थिक गणना का कार्य सभी जगह चल रहा है। जिले में डीएम कुमार प्रशांत ने ही इसकी हरी झंडी दिखाई थी, लेकिन लोगों ने उन्हें जानकारी देने से इंकार कर दिया तो आर्थिक गणना कर्मी दूसरे इलाके में चले गए। इसे लेकर मोहल्ले में अफरातफरी का माहौल भी बना रहा। सुपरवाइजर का कहना है कि कुछेक लोगों ने ही अफवाह फैला रखी है। ऐसा भी नहीं कि समुदाय विशेष के सभी लोग जानकारी नहीं देते, अधिकतर लोग जरूरी जानकारियों को शेयर कर रहे हैं। आर्थिक गणना का एनपीआर से कोई लेना देना नहीं है।
कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से इस बार आर्थिक गणना कराई जा रही है। लेकिन कुछ लोग समझने के लिए तैयार नहीं होते हैं, जिसकी वजह से गणना करने वालों को दिक्कतें आ रही है। एक-दो जगह ऐसी समस्या आई हैं, उनका समाधान किया था। इस मामले को भी दिखवाते हैं।
- प्रदीप कुमार त्यागी, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी