बरसात का मौसम भूगर्भ जल के निपटते स्रोतों को रिचार्ज कराने का अच्छा मौका है। डीएम ने इस संबंध में कई विभागों को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके तहत खेतों की मेड़बंदी, नदियों में पानी को रोकने के काम समेत तमाम कार्य विभिन्न विभागों के जिम्मे हैं। इन विभागों के लिए शुरू बरसात में ही रिचार्ज का अच्छा अवसर है।
जिले में भूगर्भ जल की स्थिति ठीक नहीं है। 15 ब्लाक में से चार ब्लाक अंबियापुर, सहसवाल, इस्लामनगर और आसफपुर डार्क ब्लाक हैं। बिसौली, उझानी और वजीरंगज को सेमीक्रिटिकल ब्लाक में शामिल किया गया है। इस प्रकार सात ब्लाकों को रिचार्ज की महती जरूरत है। बाकी ब्लाक भी इस श्रेणी में न आ जाएं इसलिए निगरानी तो इन पर भी रखनी होगी।
इन विभागों पर है रिचार्ज की जिम्मेदारी
जिले की ग्राम पंचायतों पर सर्वाधिक 357 तालाबों की सिल्ट-सफाई और जलभराव की जिम्मेदारी है। यह तालाब एक हेक्टेयर एरिया से कम हैं। 197 तालाबों में सिल्ट सफाई और पानी भरने की औपचारिकताएं पूरी कर ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट आ गई है। वास्तविक स्थिति के बारे में अभी सत्यापन बाकी है। इसमें व्यय मनरेगा के तहत होगा।
सिंचाई विभाग: इसको एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल के 12 तालाब मिले हैं। इनका विभाग ने इस्टीमेट बना लिया है। लखनऊ से इनकी स्वीकृति के लिए जेई कामेंद्र लखनऊ रवाना होंगे। लघु सिंचाई विभाग को ही वाटर रीचार्ज का नोडल विभाग बनाया गया है। इस विभाग को नदियों में पानी रोकने के लिए बांध बनाकर रिचार्ज का जिम्मा सौंपा गया है। इस विभाग ने भी अभी कोई प्रगति नहीं की है।
प्रोजेक्ट कारपोरेशन के लिए 12 तालाब दिए गए हैं। अभी इस्टीमेेट बनकर पास नहीं हुआ है। दस तालाब जल निगम को दिए। विभाग ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। इसके अलावा कृषि/उद्यान विभाग के लिए स्प्रिंग किलर सिंचाई को जिम्मा सौंपा गया और लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों विभाग इस लक्ष्य प्राप्ति में लगे हैं।