उसावां थाने के पास में बना पुलिस बैरक। संवाद
बदायूं। जिले के 20 थानों में हॉस्टल और बैरकों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। छह थानों में काम पूरा होने के बाद उनके हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इन बैरक में पुलिस कर्मी रहना शुरू कर देंगे।
पुलिस कर्मियों को सबसे ज्यादा दिक्कत घर की होती है। ड्यूटी कहीं होती है और घर कहीं। ऐसे में आने जाने में खासी समस्या होती है। भवन की समस्या खत्म होने पर इमरजेंसी में पुलिसकर्मियों को तत्काल थाने बुलाया जा सकेगा। इसी समस्या को देखते हुए 20 थानों में हॉस्टल और बैरक बनवाने का निर्णय लिया गया है।
आवास एवं विकास परिषद को कार्यदायी संस्था के रूप में चुना गया है। दिसंबर 2022 में इन थानों में हॉस्टल व बैरक बनाने का काम शुरू हुआ था, जो अब अंतिम चरण में है। अधिकांश में फिनिशिंग का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था का कहना है कि अगस्त के अंत काम पूरा हो जाएगा।
इन थानों में पूरा हुआ काम
जिले के छह थानों में बैरक बनाने का काम पूरा हो चुका है। इसमें मूसाझाग, अलापुर, जरीफनगर, बिनावर, कादरचौक, उसहैत शामिल हैं। इन्हें अब हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही हैं। जल्द ही यहां पुलिसकर्मी रह सकेंगे।
जिले में 20 थानों में काम चल रहा है। इनमें से छह में काम पूरा हो गया है। उनके हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बचे हुए थानों में भी काम जल्द पूरा हो जाएगा। -आशीष शर्मा, जेई आवास विकास परिषद