शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए विभाग कर रहा नया प्रयोग
सफल बच्चे हुआ करेंगे पुरस्कृत, बीएसए ने बनाई रूपरेखा
प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कान्वेंट स्कूलों से मुकाबले करने को बेसिक शिक्षा विभाग भी द्वारा नित नए प्रयोग किए जा रहे हैं। सीबीएसई पैटर्न पर शैक्षिक सत्र अप्रैल से शुरू हो गया है। कई योजनाएं भी चलाई जा रहीं हैं। जिले में दो स्थानों पर अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी खोले जा चुके हैं, जहां पर बच्चों को कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर शिक्षा दी जा रही है। अब नये साल से जिले के स्कूलों में और हर माह शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को लेकर बच्चों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि हर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल में प्रतियोगिता होगी। इसके तहत सभी विषयों के प्रश्नोत्तर उसमें पूछे जाएंगे। वैकल्पिक प्रश्न हुआ करेंगे। प्रथम, द्धितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चे को विभागीय अधिकारियों के जरिए पुरस्कृत कराया जाएगा। इस प्रतियोगिता के भविष्य में अच्छे रिजल्ट सामने आएंगे। चूंकि ज्यादातर नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं में वैकल्पिक प्रश्न ही पूछे जाते हैं। इस प्रतियोगिता के बाद बच्चों में किसी भी कंपटीशन को लेकर डर भी नहीं रहेगा और वह बेहतर तैयारी भी कर लिया करेंगे।
बीएसए ने यह भी कहा कि इस प्रतियोगिता के बाद उन शिक्षकों का भी पता चल जाएगा जो बच्चों को कितना पढ़ाते हैं। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हो इसके लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। लापरवाही किसी हाल में सहन नहीं होगी।