बदायूं। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए आरोग्य मेले के साथ अब शिविर भी लगाए जाने हैं। अब तक जिले के 43 नवीन स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला लग रहे हैं। अब विस्तृत रूप दिया गया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया है।
पीएचसी पर पहले की भांति प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन रहेगा। सीएचसी पर आरोग्य शिविर का आयोजन महीने के चाैथे शनिवार को होगा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर महीने के तीसरे शुक्रवार को आयोजन होगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर महीने के तीसरे रविवार को आरोग्य शिविर आयोजित होंगे। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसमें जिला स्तरीय विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे व अधिकारी निगरानी करेंगे। आरोग्य शिविर का आयोजन किया जाएगा।
शिविर में स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, शल्य चिकित्सा, नेत्र स्वास्थ्य, नाक, कान एवं गला संबंधी सेवाएं, चर्म रोग, मानसिक स्वास्थ्य, दंत, मुख स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। माइनर, मेजर शल्य चिकित्सा, एमटीपी सेवाएं, मोतियाबिंद ऑपरेशन सेवा केवल सीएचसी पर प्रदान की जाएगी।
पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। आभा एप की आईडी बनाना, क्षय रोग स्क्रीनिंग एवं उपचार, आशाओं द्वारा सी बैंक प्रपत्र भरा जाना, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग व उपचार। श्रवण यंत्र एवं चश्मों का वितरण, आयुष सेवाएं प्रदान की जानी हैं।
शासनादेश में बदलाव किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले की तरह ही आरोग्य मेलों का आयोजन होता रहेगा। साथ ही महीने के तीसरे रविवार को विशेष शिविर का आयोजन भी होगा। हेल्थ एडं वेलनेस सेंटरों पर महीने के तीसरे शुक्रवार और सीएचसी पर महीने के चौथे शनिवार को आरोग्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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स्वास्थ्य मेले में जांच के लिए भटकते रहे मरीज
- 43 स्वास्थ्य केंद्रों पर 2645 मरीज पहुंचे, कई जगह डॉक्टर नदारद
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में 43 नवीन स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में रविवार को शाम चार बजे तक 2645 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दवा ली। मरीजों की जांच के नाम पर केवल खानापूरी देखने को मिली।
दबतोरी पीएचसी पर चिकित्साधिकारी मौजूद नहीं थे। यहां एक्सरे जांच की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। पीएचसी नौली हरथानपुर में डॉक्टर व कर्मचारी समय से पहुंचे और मरीजों को दवा दी। एक्सरे मशीन न होने की वजह से जांच नहीं हुई। बगरैन पीएचसी पर स्थाई डॉक्टर न होने पर सीएचसी से डॉक्टर को भेजा गया। यहां मलेरिया, शुगर की जांच होती मिली। एक्सरे मशीन नहीं थी। संवाद